जयपुर की मोटर एक्सीडेंट्स क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) ने जम्मू-कश्मीर रोडवेज को अमरनाथ यात्रा के दौरान हुए एक बस हादसे में मृतकों के परिजनों और घायलों को 1.48 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह दुर्घटना 16 जुलाई 2017 को नचलाना, बनियाल क्षेत्र में हुई थी, जब बस 200 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 16 यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि 47 घायल हुए थे।
मामले का कानूनी पहलू
एमएसीटी की विशेष अदालत में जज श्वेता गुप्ता ने मृतकों के आश्रितों और घायलों को ब्याज सहित मुआवजा देने का फैसला सुनाया। यह याचिकाएं सीकर, जयपुर, और नवलगढ़-झुंझुनूं के पीड़ितों द्वारा दायर की गई थीं। याचिकाओं में बस चालक की तेज रफ्तार और लापरवाही को दुर्घटना का मुख्य कारण बताया गया।
पुलिस जांच और कोर्ट का निर्णय
पुलिस जांच में भी बस चालक की गलती को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया गया। कोर्ट ने माना कि जम्मू-कश्मीर स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (जेकेएसआरटीसी) क्षतिपूर्ति राशि देने के लिए उत्तरदायी है। इसके तहत मृतकों के परिजनों और घायलों को कुल 1,48,32,447 रुपये का मुआवजा देने का आदेश जारी हुआ है।
पीड़ितों का दर्द
हादसे में मारे गए और घायल हुए लोग अमरनाथ यात्रा के लिए निकले थे। उनकी यात्रा खुशियों के बजाय दर्दनाक घटना में बदल गई। कोर्ट का यह फैसला उनके परिवारों के लिए न्याय की उम्मीद लेकर आया है।