अब शादी-पार्टियों, होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट में बिना अनुमति शराब परोसने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। आबकारी आयुक्त शिवप्रसाद नकाते ने आदेश जारी कर बिना लाइसेंस शराब पार्टी आयोजित करने वालों पर शिकंजा कसने का निर्देश दिया है। आमजन भी टोल-फ्री नंबर पर अवैध शराब पार्टियों की शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
लाइसेंस और शुल्क की प्रक्रिया
शराब पार्टी के लिए तीन कैटेगिरी में लाइसेंस शुल्क तय किया गया है:
- घरेलू पार्टियां: प्रति दिन ₹2,000 का शुल्क।
- वाणिज्यिक आयोजनों: सालाना पंजीकरण शुल्क ₹20,000।
- विशेष अवसरों के लिए: प्रति दिन ₹12,000।
लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। शराब भी केवल आबकारी विभाग के ठेके से ही खरीदी जा सकेगी।
अवैध शराब और राजस्व हानि पर नजर
विभाग ने पाया है कि कई आयोजनों में अन्य राज्यों की शराब परोसी जाती है, जिससे राजस्व को नुकसान होता है। इस पर अंकुश लगाने के लिए अनाधिकृत शराब निर्माण, परिवहन और भंडारण पर सख्त निगरानी की जाएगी।
ब्रांड चयन और ऑनलाइन प्रोसेस
शादी या अन्य आयोजनों में शराब परोसने के लिए आयोजक को लाइसेंस के साथ उस दुकान और ब्रांड का चयन भी ऑनलाइन करना होगा, जहां से शराब खरीदी जाएगी। यह कदम राजस्व बढ़ाने और शराब पर नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।