अजमेर दरगाह में संकट मोचन महादेव मंदिर के दावे के बाद विवाद और बढ़ता जा रहा है। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग मस्जिदों के नीचे मंदिर नहीं, बल्कि अपना वोट बैंक तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह लोग चाहते हैं कि मुसलमानों को तंग किया जाए और दिखाया जाए कि उनके खिलाफ काम किया जा रहा है।
इल्तिजा ने जम्मू-कश्मीर में गुरुवार को कहा कि यह लोग खुदाई कर रहे हैं, लेकिन यह विकास नहीं, समाज को बांटने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा, “हमें ऐसे विभाजनकारी एजेंटों से सावधान रहना चाहिए जो समाज में तनाव और विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।”
अजमेर दरगाह में मंदिर होने का दावा
हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने अजमेर दरगाह में मंदिर होने का दावा किया है। उनके इस दावे की याचिका अजमेर सिविल कोर्ट ने सुनवाई के योग्य मानी है, और अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी। गुप्ता ने अपनी याचिका में बताया कि दरगाह स्थल पर पहले शिव मंदिर था और इसके प्रमाण कुछ दस्तावेजों और किताबों में भी मौजूद हैं।
राजनीतिक बयानबाजी का दौर
इस विवाद पर अब तक कई नेताओं ने बयान दिए हैं। महबूबा मुफ्ती ने पहले ही 28 नवंबर को इस मुद्दे पर एक्स पर पोस्ट शेयर की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि मस्जिदों और दरगाहों को निशाना बनाना देश में सांप्रदायिक हिंसा को जन्म दे सकता है। वहीं, सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि कुछ छोटे जज देश में आग लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस विवाद को सही ठहराया और कहा कि यह ऐतिहासिक सच्चाई है कि मुगलों ने मंदिरों को तोड़ा था।
सचिन पायलट का बयान
राजस्थान के नेता सचिन पायलट ने कहा कि कुछ ताकतें जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सांप्रदायिक तनाव बढ़ाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की मुहिम से देश में कोई अंत नहीं होगा।