अजमेर दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें जानबूझकर जनता के ध्यान को असल मुद्दों जैसे बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं से हटा कर समाज में तनाव फैलाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि “अगर आप यह मुहिम चला देंगे कि हमें धर्मस्थल और मकानों को खोदना है, तो इसका कोई अंत नहीं होगा।”
सचिन पायलट ने यह भी कहा कि 1991 में संसद ने एक कानून पारित किया था जिसमें यह तय किया गया था कि आजादी के बाद जो धार्मिक स्थल हैं, उन्हें यथावत रखा जाएगा। लेकिन अब इस तरह के मुद्दे सामने आ रहे हैं जो सिर्फ लोगों में तनाव पैदा कर रहे हैं। पायलट ने इस संदर्भ में अजमेर और संभल का उदाहरण दिया, और कहा कि इन मुद्दों से लोगों का ध्यान मुख्य समस्याओं से हटा दिया जा रहा है।
इस बीच, दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा करने वाले विष्णु गुप्ता ने एक और साक्ष्य पेश किया। उन्होंने 1841 में आई रॉबर्ट हैमिल्टन इर्विन की किताब का हवाला दिया, जिसमें दरगाह इलाके को एक जंगल बताया गया है और वहां शिवलिंग मिलने का जिक्र किया गया है।
इस मुद्दे पर कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि अगर दरगाह के अंदर खुदाई होती है तो निश्चित रूप से वहां मंदिर मिलेगा। वहीं, इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खान ने कहा कि देश की तरक्की विकास में है, और जो लोग खुदाई का काम कर रहे हैं, वे असल में खुद को धोखा दे रहे हैं।