अजमेर में चार साल पुराना रहस्य: पुखराज जाट का अचानक गायब होना…..

गुमशुदगी के मामले में पुलिस जांच का दायरा बढ़ा, पत्नी लीला पर शक

चार साल पहले की यह घटना 22 फरवरी 2020 को अजमेर जिले के किशनगढ़ में हुई, जब पुखराज जाट ने अपनी बेटी को मकान मालिक के पास छोड़कर कहा कि वह जरूरी काम से जा रहा है, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। दो दिन बाद जब पुखराज का कोई पता नहीं चला, तो उसके भाई दिलीप ने 24 फरवरी 2020 को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने उसकी खोज शुरू की, लेकिन एक चप्पल से सुराग मिला जो मामले को और पेचीदा बना गया। दिलीप ने पुखराज के मोबाइल पर कॉल किया, जो उसकी पत्नी लीला ने उठाया। लीला ने बताया कि पुखराज अपना फोन छोड़कर गया था और उसे भी नहीं पता कि वह कहां है।

इससे पुलिस ने पुखराज के परिवार, पत्नी, पड़ोसियों और रिश्तेदारों से जानकारी जुटाई। पुखराज और लीला की शादी 2017 में हुई थी। दोनों के बीच झगड़े बढ़ने लगे, और लीला अपने मायके में रहने लगी। इस दौरान उसका एक व्यक्ति रामस्वरूप जाट से संपर्क बढ़ा। पुखराज ने दिसंबर 2019 में रामस्वरूप और उसके दोस्त सुरेंद्र पर पत्नी और बेटी के अपहरण का आरोप लगाया, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया।

कुछ समय बाद, रामस्वरूप जमानत पर रिहा होकर लीला से मिलने लगा और उनके बीच रिश्ते को लेकर दबाव बनाने लगा। लीला ने पुखराज से अलग होने का फैसला किया, और दोनों ने वकील के जरिए एक-दूसरे से दूर रहने का निर्णय लिया। पुखराज ने अपनी बेटी को अपने पास रख लिया, जबकि लीला अपनी मां और भाई के साथ रहने लगी। पुलिस जांच के दौरान, यह जानकारी सामने आई कि गायब होने से पहले पुखराज का मोबाइल लीला के पास था, जिससे शक और गहरा हो गया। लीला ने पुलिस को बताया कि पुखराज उससे मिलने अक्सर आता था।

पुखराज के गायब होने के 14 दिन बाद भी उसकी खोज जारी रही, लेकिन उसके घर वाले और पुलिस दोनों ही परेशान थे। दिलीप को याद आया कि 23 फरवरी को लीला के घर में पुखराज की चप्पल पड़ी थी, जिससे उसे पुखराज के साथ कुछ अनहोनी होने का संदेह हुआ। दिलीप ने 6 मार्च 2020 को पुलिस को अपहरण और हत्या के संदेह की जानकारी दी, और अब पुलिस के पास कई सवाल थे: क्या पुखराज की चप्पल लीला के घर में पड़ी थी? क्या लीला के पुखराज को गायब कराने का कोई कारण था? क्या सच में पुखराज की हत्या की गई थी?

 

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