सीकर में आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ताओं ने अपने केंद्रों का किराया और मानदेय न मिलने पर महिला बाल विकास विभाग ऑफिस के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी वर्कर्स का कहना है कि पिछले 10 महीनों से किराया न मिलने के कारण मकान मालिकों ने केंद्रों को ताले लगा दिए हैं, जिससे उन्हें बाहर कर दिया गया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ममता चौधरी ने बताया कि विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया केवल 750 रुपए प्रतिमाह मिलता है, जो सीकर जैसे शहर में बेहद कम है। मकान मालिक कम से कम 3000 रुपए मांगते हैं, जिससे वर्कर्स को अपनी जेब से 1500-2000 रुपए अतिरिक्त खर्च करने पड़ते हैं। इसके अलावा, मानदेय भी केंद्र और राज्य सरकार से महीनों की देरी के बाद मिलता है, जिससे केंद्र चलाना मुश्किल हो गया है। आंगनबाड़ी वर्कर्स ने सरकार से किराया बढ़ाने, समय पर मानदेय देने और पोषण ट्रैकर के लिए उचित रिचार्ज का पैसा देने की मांग की है।