पांच साल पुराने ऑनर किलिंग के मामले में सीकर जिले की एक अदालत ने 19 वर्षीय युवती और उसके प्रेमी की हत्या के लिए पिता समेत 11 आरोपियों को दोषी ठहराया। मुख्य आरोपी और युवती के पिता रामगोपाल को फांसी की सजा सुनाई गई, जबकि अन्य दस आरोपियों को आजीवन कारावास दिया गया। अदालत ने इस हत्या को “रेयर ऑफ द रेयरेस्ट” करार देते हुए इसे समाज की सामूहिक चेतना को झकझोरने वाला अपराध बताया।
घटना का विवरण
मामला 22 अक्टूबर 2019 का है, जब दांतारामगढ़ के रामगोपाल ने अपनी बेटी प्रेम को उसके प्रेमी गणपत के साथ बातचीत करते हुए पकड़ लिया। अगले दिन, उसने प्रेम को धमकाकर गणपत को बुलाया और दोनों को अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर पीट-पीटकर मार डाला। हत्या के बाद, शवों को सुनसान पहाड़ियों में फेंक दिया गया और खुद गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई।
मामले का खुलासा
गणपत के भाई बलदेव ने घटना की जांच शुरू की और पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज के जरिए सच्चाई का पता लगाया। फुटेज में गणपत को अपहरण करते हुए देखा गया। इसके बाद बलदेव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
कोर्ट का फैसला
- मुख्य आरोपी रामगोपाल: मौत की सजा और 1 लाख का जुर्माना।
- अन्य आरोपी (परिवार के सदस्य): उम्रकैद।
- एक आरोपी राजेश चौधरी: तीन साल जेल और 20 हजार का जुर्माना।
- तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
अदालत की टिप्पणी
अदालत ने कहा कि हत्या सोच-समझकर की गई थी और इसे टाला जा सकता था। मुख्य दोषी ने क्रूरता की हदें पार करते हुए मासूमियत और मानवता को नजरअंदाज किया। अदालत ने इसे ‘रेयर ऑफ द रेयरेस्ट’ मामले की श्रेणी में रखते हुए कठोरतम सजा सुनाई।