“ कानूनी दीदी” नामक सुझाव व शिकायत पेटी स्थापित, न्यायिक मजिस्ट्रेट हिमांशु कुमावत ने विद्यार्थियों को किया जागरूक
सीकर।
डिजिटल युग में मोबाइल एवं सोशल मीडिया का उपयोग जहां विकास का सशक्त माध्यम बन सकता है, वहीं इसके दुरुपयोग से गंभीर दुष्परिणाम भी सामने आ सकते हैं। इसी उद्देश्य को लेकर श्री कल्याण उच्च माध्यमिक विद्यालय, सीकर में “ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम माननीय राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सीकर के निर्देशानुसार आयोजित हुआ, जिसमें न्यायिक मजिस्ट्रेट सीकर श्री हिमांशु कुमावत मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर न्यायिक मजिस्ट्रेट हिमांशु कुमावत ने कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया के सदुपयोग एवं दुरुपयोग के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को ऑनलाइन सुरक्षित रहने के उपाय, आवश्यक सावधानियां तथा साइबर कानूनों से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं से अवगत कराया। साथ ही, इन विषयों को भारत की पौराणिक कथाओं एवं मान्यताओं से जोड़कर सरल एवं प्रभावशाली तरीके से समझाया।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी जिज्ञासाएं प्रस्तुत कीं। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा उनके प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर देते हुए उन्हें कानून की जानकारी के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक किया गया।
विशेष रूप से विद्यालय परिसर में तीन दिनों के लिए “दीदी” नामक सुझाव एवं शिकायत पेटी स्थापित की गई है। इस पेटी के माध्यम से छात्र-छात्राएं अपनी समस्याएं एवं सुझाव गोपनीय रूप से लिखित में प्रस्तुत कर सकेंगे। सभी प्राप्त सुझावों एवं शिकायतों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी तथा उनका उचित स्तर पर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को जागरूक, सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनाना रहा।