गांव गोद की संकल्पना से विकास को मिलेगी को नई दिशा : जलधारी
शेखावाटी विश्वविद्यालय में ग्राम चौपाल का आयोजन, ग्रामवासियों से चर्चा
काम के लिए इच्छा शक्ति की जरूरत होती है धन की नहीं : प्रो. राय
सीकर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर में बुधवार को “गांव गोद की संकल्पना ही विकास के नये आयाम” विषय पर कटराथल एवं दौलतपुरा गांव के ग्रामीणों की सहभागिता के साथ ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया।
चौपाल के बाद कुलगुरु प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार राय, कुलसचिव श्चेता यादव और पूर्व विधायक रतन जलधारी ने शेखावाटी विश्वविद्यालय के दो कचरा संग्रहण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर का रवाना किया। ये दोनों वाहन कटराथल एवं दौलतपुरा गोद गांवों से कचरा एकत्र कर सफाई और स्वच्छता का संदेश देंगे। इस अवसर पर विवि में डिस्पेंसरी को भी जल्दी शुरु करने का संकल्प लिया गया।
चौपाल कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार राय ने कहा कि काम और विकास के लिए इच्छा शक्ति की जरूरत होती है धन की नहीं। धन की व्यवस्था अपने आप हो जाती है। गांव का विकास गांव के माध्यम से होना चाहिए। कटराथल एवं दौलतपुरा गांव को गोद लेकर हमने आदर्श गांव बनाने का संकल्प लिया है। इसमें ग्रामवासियों के सहयोग की अपेक्षा है। इसके लिए हमें स्वच्छता को अपनी आदत बनाना होगा।
पूर्व विधायक रतन जलधारी ने ग्रामीण सहभागिता और जन-जागरूकता को विकास का मुख्य आधार बताया। उन्होंने कहा कि गांव गोद की संकल्पना से विकास को नई दिशा मिलेगी। आज मोबाइल ने तमाम समस्याएं खड़ी कर दी है। लोग मोबाइल का प्रयोग कम कर देंगे तो विकास पर ध्यान दे पाएंगे।
सीएमएचओ, सीकर डॉ. अशोक महरिया ने स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
चौपाल में दौलतपुरा गांव के सरपंच दिनेश आर्य सरपंच पूर्व प्रिंसीपल बनवारी नेहरा, समाजसेवी महेन्द्र शर्मा सहित विभिन्न वक्ताओं ने विचार व्यक्त करते हुए गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए विश्वविद्यालय की इस पहल को सराहा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. डीपी सिंह ने किया।
कार्यक्रम में कुलसचिव श्वेता यादव, परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजेंद्र सिंह, उपकुलसचिव (सम्बद्धता) राम सिंह सरावग, अकादमिक निदेशक डॉ. आर.सी. मीना, उपनिदेशक आईटी पंकज मील, डॉ. महेश गुप्ता सहित विश्वविद्यालय के कई अधिकारी और ग्रामवासी उपस्थित रहे।
ग्राम चौपाल के दौरान ग्रामीणों से संवाद, समस्याओं का समाधान, विभिन्न योजनाओं की जानकारी तथा भविष्य की विकास रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई।