सीकर की एडीजे कोर्ट संख्या 2 ने आज गोपाल फोगावट हत्याकांड के फैसले में आरोपी महेंद्र बराला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, इस मामले में दो आरोपियों, परमेश्वर बगड़िया और सांवरमल खीचड़ को संदेह के लाभ के आधार पर बरी कर दिया गया है।
गौरतलब है कि 5 अप्रैल 2006 को दोपहर करीब 2 बजे, दो बोलोरो गाड़ियों में आए बदमाशों ने हथियारों से लैस होकर सीकर के एसके कॉलेज के सामने स्थित सेवनआर्ट टेलर की दुकान में गोपाल फोगावट पर गोलियां चला दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद परिवादी मनोज बाटड़ ने कोतवाली पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाया। इस मामले में कोर्ट ने बलबीर बानूड़ा सहित करीब एक दर्जन से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जिनमें से करीब 10 आरोपियों को पहले ही आजीवन कारावास की सजा दी जा चुकी थी।
महेंद्र बराला पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था, जिसे बाद में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से 31 गवाहों और 63 दस्तावेजों के माध्यम से मामला साबित किया गया। एडीजे कोर्ट ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आज महेंद्र बराला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
मामले में एपीपी प्रदीप कुमार अग्रवाल और एडवोकेट मदनलाल कुमावत ने प्रभावी पैरवी की। अदालत के इस निर्णय से संबंधित सभी पक्षों में हर्ष और नाराजगी का मिश्रित प्रभाव रहा।