रविवार सुबह चिड़ावा शहर और आसपास के इलाकों में सर्दी का खासा असर देखा गया। हिमालय के पर्वतीय क्षेत्रों में हुई बर्फबारी के बाद क्षेत्र में चल रही शीतलहर ने ठिठुरन को बढ़ा दिया है। इसके चलते लोग अब सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनने लगे हैं।
किसानों को मिलेगा फसलों में फायदा
मौसम के इस बदलाव का किसानों को फायदा भी हो रहा है। कृषि विशेषज्ञ कृष्ण कुमार रतेरवाल के अनुसार, इस मौसम में गिरने वाली ओंस की बूंदों को फसलों के लिए अमृत माना जा सकता है, क्योंकि यह फसलों की ग्रोथ में अहम भूमिका निभाएगी। हालाँकि, इस बार सर्दी के देर से आने और ओंस न गिरने के कारण किसान चिंतित थे, लेकिन अब सर्दी ने दस्तक दे दी है, जिससे फसलों को जीवनदान मिलने की उम्मीद है।
किसानों के चेहरों पर लौट आई मुस्कान
मौसम में यह बदलाव किसानों के मायूस चेहरों पर फिर से मुस्कान लाने वाला साबित हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हल्की मावठ (बारिश) होती है, तो फसलों को और अधिक फायदा होगा। हालांकि, पाला पड़ने की स्थिति में फसलों को नुकसान भी हो सकता है। फिलहाल, किसान मावठ की बारिश की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि उनकी फसलें बेहतर हो सकें।