चूरू जिले के सभी 6 विधायकों ने अपने एक साल के कार्यकाल में कुल 5-5 करोड़ रुपये का बजट प्राप्त किया, जिसमें से अधिकांश राशि इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों, सड़कों, भवन निर्माण और विद्युतीकरण पर खर्च की गई। इस दौरान सरदारशहर, सुजानगढ़ और सादुलपुर के विधायकों ने वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले पूरा बजट खर्च कर दिया, जबकि चूरू विधायक हरलाल सहारण ने सबसे कम 3.71 करोड़ रुपये खर्च किए।
हरलाल सहारण (चूरू): सहारण ने 56% बजट इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों पर खर्च किया, जिसमें 43.56 लाख रुपये ढाणियों के विद्युतीकरण पर, 2.83 करोड़ रुपये शहरी-ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च हुए। उन्होंने कहा कि वह शिक्षा, चिकित्सा सुविधाओं और किसानों के विकास पर फोकस करेंगे।
पूसाराम गोदारा (रतनगढ़): गोदारा ने 4.58 करोड़ रुपये में से 4.14 करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर और 20.31 लाख रुपये ढाणियों के विद्युतीकरण में खर्च किए। उन्होंने सामुदायिक भवनों और पानी की टंकियों का निर्माण करने का भी वादा किया।
नरेंद्र बुडानिया (तारानगर): बुडानिया ने 4.15 करोड़ रुपये में से 81.8% राशि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों, पेयजल पाइपलाइन और श्मशान घाट की चारदीवारियों पर खर्च की। उनका ध्यान शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं पर रहेगा।
मनोज न्यांगली (सादुलपुर): न्यांगली ने 5 करोड़ रुपये में से 4.41 करोड़ रुपये शहरी-ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर और 33.80 लाख रुपये ढाणियों के विद्युतीकरण में खर्च किए। उनका अगला लक्ष्य गांवों में बिजली और पानी की सुविधाएं उपलब्ध कराना होगा।
अनिल शर्मा (सरदारशहर): शर्मा ने 5 करोड़ रुपये में से 4.96 करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों पर खर्च किए और 3.50 लाख रुपये ढाणियों के विद्युतीकरण में लगाए। उन्होंने शहरी क्षेत्र में सड़कों और नालों के निर्माण पर जोर देने का वादा किया।
मनोज मेघवाल (सुजानगढ़): मेघवाल ने 5 करोड़ रुपये में से 4.73 करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर और 26.37 लाख रुपये विद्युतीकरण पर खर्च किए। उन्होंने शिक्षा और पानी की सुविधाओं के विकास पर ध्यान देने की योजना बनाई है।
इन सभी विधायकों ने अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने और विकास कार्यों को मजबूत करने के लिए बजट का सही उपयोग किया है।