चूरू डीओआईटी वीसी सभागार में सोमवार को कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने आवश्यक सेवाओं, जन्म-मृत्यु पंजीयन व सतत विकास लक्ष्यों के संबंध में अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर ने शिक्षा व परिवहन विभागों को निर्देश दिए कि वे समन्वित रूप से स्कूली बसों की जांच करें और बिना परमिट, ओवरलोड व ओवर स्पीड बसों के खिलाफ कार्रवाई करें। इसके अलावा, सभी एसडीएम, बीडीओ और पीएचईडी अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में खुले बोरवैल चिह्नित करने और उन्हें बंद करवाने का निर्देश दिया।
सतत विकास लक्ष्यों पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने बताया कि जिले ने प्रदेश में पांचवीं रैंक प्राप्त की है। अधिकारियों को सुधार की दिशा में कार्य करने का निर्देश देते हुए, स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता, स्वच्छ जल, इकॉनोमिक ग्रोथ जैसे विभिन्न एसडीजी इंडीकेटर्स पर भी ध्यान देने की बात कही। उन्होंने जन्म-मृत्यु पंजीयन की प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि संस्थानों में ही पंजीयन कार्य किया जाए, साथ ही समय पर प्रमाण पत्र जारी किए जाएं।
इसके अलावा, कलेक्टर ने बिजली, पेयजल आपूर्ति, चिकित्सा सेवाओं, और जनसुनवाई प्रकरणों की समीक्षा की और सभी अधिकारियों से इन कार्यों के बेहतर निस्तारण की उम्मीद जताई।
बैठक में एडीएम अर्पिता सोनी, सीईओ श्वेता कोचर, डीएफओ भवानी सिंह, एसडीएम बिजेंद्र सिंह, सीएमएचओ डॉ. मनोज शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
गजेटियर प्रकाशन की बैठक
कलेक्टर सुराणा ने जिला गजेटियर के प्रकाशन की प्रक्रिया की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि करीब 54 वर्षों के बाद जिले का गजेटियर तैयार किया जा रहा है, जो अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। सभी अधिकारी अपने विभागों से संबंधित जानकारी की जांच करें और त्रुटियों को दुरुस्त करवाएं। बैठक में सीपीओ भागचंद खारिया ने गजेटियर की रूपरेखा प्रस्तुत की।