प्रदेश के सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को ऐतिहासिक धरोहरों से परिचित कराने के लिए उन्हें शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा जाएगा। इस यात्रा के दौरान छात्रों को पेनोरमा, संग्रहालय और स्मारकों का दर्शन कराया जाएगा, जिनमें लोक देवी-देवताओं, संत-महात्माओं, योद्धाओं और स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत को प्रदर्शित किया गया है। राजस्थान धरोहर प्राधिकरण द्वारा प्रदेशभर में पेनोरमा और संग्रहालयों का निर्माण किया गया है, जिनकी आकर्षक प्रस्तुति विद्यार्थियों को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराएगी।
जिला शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रत्येक वर्ष विद्यार्थियों को विभिन्न जिलों में स्थित पेनोरमा, स्मारक और संग्रहालयों का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों पर लिया गया था, जिनका उद्देश्य युवा पीढ़ी को ऐतिहासिक घटनाओं और योद्धाओं के शौर्य से परिचित कराना है।
पेनोरमा: पेनोरमा स्थलों में चूरू का रावत कांधल पेनोरमा, भीलवाड़ा का बगड़ावत सवाईभोज, करौली की कैला देवी, अजमेर का पृथ्वीराज चौहान पेनोरमा, जैसलमेर का इन्दिरा महाशक्ति भारत पेनोरमा, भरतपुर का महाराजा सूरजमल पेनोरमा, और जयपुर का स्वतंत्रता सेनानियों का पेनोरमा प्रमुख हैं। अन्य पेनोरमा में गोविन्द गुरु छाणीमगरी, राव हम्मीर सवाई माधोपुर, वीर दुर्गादास जोधपुर, और महाबलिदानी पन्नाधाय पांडोली शामिल हैं।
किले और महल: प्रदेश में प्रमुख किले जैसे सिटी पैलेस जयपुर, चित्तौडगढ किला, मेहरानगढ़ किला, आमेर किला, उम्मेद भवन, हवामहल, जूनागढ़ किला और रणथंभौर आदि विद्यार्थियों के भ्रमण स्थल होंगे।
गौरवशाली इतिहास: इसके अलावा, प्रदेश के चिकित्सा, डेंटल, नर्सिंग, और फार्मेसी के छात्रों को भी राजस्थान के वीर योद्धाओं, किलों और महलों के बारे में जानकारी दी जाएगी।