जयपुर में आयोजित रामकथा के दौरान रामभद्राचार्य ने दावा किया कि उनके कहने पर ही राजस्थान में ब्राह्मण मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बने। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ मंच पर मौजूद रामभद्राचार्य ने यह बयान दिया और कहा कि उन्होंने राजस्थान की सत्ता को इस बार ब्राह्मण को सौंपने का संकेत दिया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनका आशीर्वाद लिया और रामभद्राचार्य ने उन्हें गले भी लगाया।
रामभद्राचार्य ने इस दौरान मुख्यमंत्री से गलता विवाद पर भी चर्चा की और कहा कि इस मुद्दे को जल्दी कैबिनेट में लाकर सुलझाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इसे लेकर गुरू के आदेश का पालन करने का भरोसा दिया।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का धर्म विरोधियों पर हमला
रामकथा में बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी शामिल हुए और उन्होंने धर्म विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब हिंदू धर्म को बचाने के लिए गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा, “हमें धर्म विरोधियों के खिलाफ खून खौलता है और अब नया नारा देना होगा – ‘छेड़ोगे तो छोड़ा नहीं जाएगा’।”