जीवन में सफलता के लिए टाइम मैनेजमेंट जरूरी : प्रो. अनिल राय
शेखावाटी विश्वविद्यालय में कुलगुरु–विद्यार्थी संवाद
जैसा सोचते हैं, वैसा ही होने लगता है, इसलिए सकारात्मक सोच रखिए : कुलगुरु
सीकर।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो.(डॉ.) अनिल कुमार राय ने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता का मूल आधार टाइम मैनेजमेंट है। कुलगुरु प्रो. राय विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में आयोजित कुलगुरु–विद्यार्थी संवाद को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मनुष्य जैसा सोचता है, वैसा ही बनने लगता है, इसलिए सकारात्मक सोच,अनुशासन और निरंतर सीखने की आदत विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को नई ऊंचाइयों तक ले जाती है। प्रो. राय ने प्रोफेशनल कोर्सेज और मैथेमेटिक्स के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के लिए तत्काल दिशा-निर्देश दिए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अध्ययन-अध्यापन से जुड़े सुझावों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए कैंपस में उत्कृष्ट शैक्षणिक माहौल तैयार करना है।
कुलगुरु प्रो. अनिल राय ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, प्रेक्टिकल नॉलेज, कम्युनिकेशन स्किल, डिजिटल साक्षरता और इनोवेशन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय के साथ चलकर लक्ष्य निर्धारित करना और उसी दिशा में निरंतर प्रयास करते रहना ही सफलता का पहला कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे नियमित अध्ययन, समय का सदुपयोग, सीखने की निरंतरता और सकारात्मक दृष्टिकोण को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। कुलगुरु ने कहा कि संघर्ष के बिना जीवन नहीं है, समस्याओं का समाधान निकालना बहुत जरूरी है। प्रो. राय ने कहर कि काम करने की आदत, समय का सम्मान और सीखने की ललक हर विद्यार्थी को भीड़ से अलग पहचान दिलाती है।
इस अवसर पर सहायक कुलसचिव (परीक्षा) एवं अकादमिक निदेशक डॉ. आर.सी. मीना और मीडिया प्रभारी डॉ. महेश गुप्ता उपस्थित रहे।
प्रोफेशनल पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों से सीधा संवाद
कार्यक्रम में कुलगुरु ने एमएजेएमसी, एलएलएम, एमबीए, एमसीए, बीबीए, एआई–एमएल, साइबर सिक्योरिटी, मैथेमेटिक्स आदि प्रोफेशनल पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों से चर्चा की और विद्यार्थियों की समस्याओं का हल किया और उन्हें भविष्य की तैयारी के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों ने फीडबेक देते हुए पढ़ाई का माहौल बनाने के लिए बहुत सारे सुझाव दिए और समाधान भी बताए। विद्यार्थियों ने इंटर्नशिप व प्लेसमेंट सेल बनाने, इंटरनेट की स्पीड बढ़ाने, लैग्वेज लैब का उपयोग करने आदि मांगें रखी।