झुंझुनूं जिले में निजी और सरकारी स्कूलों की उदासीनता के कारण अपार आईडी जनरेशन का काम ठप पड़ा है। जिले के 61 विद्यालयों में से 55 स्कूलों ने अब तक एक भी विद्यार्थी की अपार आईडी नहीं बनाई है। शिक्षा विभाग ने इस देरी पर नाराजगी जताते हुए संबंधित स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
अपार आईडी एक 12 अंकों की यूनिक आईडी है, जो विद्यार्थियों के शैक्षणिक इतिहास को डिजिटली ट्रैक करने और उनके प्रमाणपत्र, अंकतालिकाएं और अन्य शैक्षणिक उपलब्धियों को सुरक्षित रखने में मदद करती है। यह आईडी डिजीलॉकर से जुड़ी होगी, जिससे छात्र कभी भी अपने दस्तावेज़ प्राप्त कर सकेंगे।
विभाग ने दी सख्त चेतावनी, मान्यता रद्द होने की संभावना
शिक्षा विभाग ने 25 और 27 सितंबर को जिला और ब्लॉक अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दिए थे। इसके बाद 7 अक्टूबर और 18 अक्टूबर को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए। लेकिन अधिकांश स्कूलों ने इन निर्देशों को नजरअंदाज किया।
जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष ढाका ने कहा कि सीबीईओ के माध्यम से सभी स्कूलों को नोटिस भेजे गए हैं। यदि स्कूल अपार आईडी जनरेशन का काम जल्द पूरा नहीं करते, तो उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है। यह पहल विद्यार्थियों के शैक्षणिक दस्तावेजों को संरक्षित और आसानी से उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन विभाग की चेतावनी के बावजूद प्रगति शून्य बनी हुई है।