झुंझुनूं में लवकुश वाटिका का कायाकल्प, ऐतिहासिक खेतानाथ बावड़ी क्षेत्र में बन रहा है एक अद्भुत पार्क…

गंदे पानी से थी घिरी ये जगह, अब बन रही है झुंझुनूं के लिए ऑक्सीजन लंग्स

झुंझुनूं शहर के बीहड़ इलाके में स्थित ऐतिहासिक खेतानाथ बावड़ी क्षेत्र का कायाकल्प किया गया है और यह अब एक सुंदर और हराभरा पार्क में बदलने जा रहा है। इस क्षेत्र को अब “लवकुश वाटिका” के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो शहर के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगा।

जिला वन अधिकारी बीएल नेहरा ने जानकारी देते हुए बताया कि 25 हेक्टेयर में फैलने वाला यह पार्क झुंझुनूं शहर के लिए आने वाले दिनों में एक महत्वपूर्ण स्थल बनेगा। पार्क के एंट्री गेट पर लव और कुश की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, और ट्रैक के आसपास 10 हजार फल और छायादार पेड़ लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा, यहां व्यू पॉइंट, छोटे तालाब, झूले, और ओपन जिम जैसी सुविधाओं का निर्माण भी किया जा रहा है।

यह पार्क न केवल शहरवासियों के लिए एक पर्यटन स्थल होगा, बल्कि यह एक ऑक्सीजन लंग्स के रूप में भी काम करेगा। यहां बनाए गए ट्रैक पर जॉगिंग करने वाले लोगों को कई पक्षियों और अन्य वन्यजीवों के नजदीक दिखने का भी अनुभव होगा। झोपड़ी जैसे आराम स्थल और ओपन जिम के उपकरण भी इस पार्क के आकर्षण को और बढ़ाएंगे।

पहले इस क्षेत्र में शहर का गंदा पानी जमा हो जाता था, लेकिन अब इसे डायवर्ट कर दिया गया है। गंदे पानी को चैनलाइज करके इसे पेड़-पौधे लगाने और वाटिका के निर्माण में इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा, मातृवन में औषधीय पौधे लगाए जाएंगे, जिससे यह जगह और भी लाभकारी साबित होगी।

इस पार्क में विकसित किए गए पाथ और व्यू पॉइंट्स भी इसे एक आकर्षक स्थल बना रहे हैं। इस परियोजना के जरिए वन विभाग और सरकार का उद्देश्य ईको टूरिज्म को बढ़ावा देना है, जिससे झुंझुनूं शहर का पर्यावरण और पर्यटन दोनों को फायदा हो सके।

यह पार्क न केवल स्थानीय निवासियों के लिए एक आदर्श जगह बनेगा, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षण का केंद्र होगा।

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