डेंगू बुखार की पुष्टि के लिए केवल एलाइजा टेस्ट ही मान्य: डॉ निर्मल सिंह

मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्यकर्मियों के कार्यों का किया जा रहा है क्रॉस वैरिफिकेशन

जिले में मौसमी बीमारियों के चलते चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित रूप से डोर-टू-डोर सर्वे एवं एंटीलॉर्वल एक्टीविटी आयोजित की जा रही है। इसके अलावा जिला एवं खण्ड स्तरीय अधिकारियों द्वारा स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा किए कार्यों का क्रॉस वैरिफिकेशन किया जा रहा है। चिकित्साकर्मियों द्वारा अब स्कूल प्रोग्राम, आमजन में जन-जागरुकता एवं नगर परिषद् के सहयोग से नियमित रूप से फोगिंग भी करवाई जा रही है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. निर्मल सिंह ने बताया कि जिले में मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए चिकित्सा विभाग द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। जिले के समस्त बीसीएमओ द्वारा मौसमी बीमारियों के तहत हो रहे कार्यों का क्रॉस वैरिफिकेशन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा नियमित एंटीलॉर्वल एक्टीविटी की जा रही है। अस्पतालों में भी उपचार, दवाइयां एवं बैड्स की व्यवस्था रखने के निर्देश जारी किए हुए हैं।

सोमवार को ब्लॉक खंडेला की ब्लॉक मीटिंग में जिला स्तरीय टीम ने एनसीडी स्क्रीनिंग, आभा आईडी, मौसमी बीमारी, डेंगू कैसेज एक्टिविटी क्रॉस वेरिफिकेशन, मलेरिया एंटी लार्वा एक्टिविटी एवं स्वास्थ दल आपके द्वार अभियान तृतीय की ओडीके मरुधर ऐप में सर्वे की मॉनिटरिंग की। ब्लॉक पिपराली में पीएचसी बराल, उप स्वास्थ्य केंद्र हत्याज, धोकर एवं ब्लॉक खंडेला में उपकेंद्र बलवाड़ में एंटी लार्वा एक्टिविटी गतिविधियां जांच की। टीम में एपीडेमियोलॉजिस्ट डॉ अम्बिका प्रसाद जांगिड, एफसीएलओ मुकेश सैनी शामिल थे।

एंटीलॉर्वल एक्टीविटी जारी
जिले में आशा, एएनएम एवं स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा घर-घर जाकर बुखार के रोगियों की पहचान कर उन्हें दवाएं दी जा रही है। जिले में डेंगू के मरीजों के घरों के आसपास भी एंटीलॉर्वल एक्टीविटी करवाई जा रही है। डीबीसी एवं स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा आमजन को मौसमी बीमारियों में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में आगाह कर रहे हैं। मच्छरों की उत्पत्ति वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां जमा पानी को नष्ट किया जा रहा है।

डेंगू के लिए एलाइजा टेस्ट ही मान्य
सीएमएचओ डॉ निर्मल सिह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी के अनुसार डेंगू बुखार की पुष्टि के लिए केवल एलाइजा टेस्ट ही मान्य है। ऐसे में अगर कोई चिकित्सा संस्थान या निजी लैब डेंगू कार्ड से जांच करता है, जो उससे डेंगू पॉजीटिव को सम्भावित केस में ही माना जाएगा। उन्होंने कहा कि सम्भावित डेंगू केस की जानकारी भी स्वास्थ्य कर्मियांे को दी जाए ताकि स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा उनके घर में आवश्यक एंटीलॉर्वल एक्टीविटी की जा सके।

डेंगू पॉजिटिव मरीज के घर के आसपास के 50 घरों का सर्वे
डिप्टी सीएमएचओ डॉ अशोक महरिया ने बताया कि डेंगू पॉजिटिव मरीज के घर के आसपास के 50 घरों का सर्वे करवाए जा रहे हैं एवं वहां पर एंटी-लार्वा और एंटी-एडल्ट एक्टिविटी जैसी कार्रवाई भी की जा रही है। वहीं मरीज की नियमित निगरानी और स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक दवाइयां भी दी जा रहीं हैं। उन्होंने आमजन से अपील जारी कर कहा है कि अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखें। संदिग्ध लक्षणों के दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र से सम्पर्क करें।

स्कूल एवेयरनेस प्रोग्राम शुरू
उन्होंने बताया कि जिले में बच्चों को मौसमी बीमारियों की जानकारी देने के लिए स्कूल एवेयरनेस प्रोग्राम भी शुरु किया गया हैं। एएनएम एवं स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा प्रार्थना सभा में बच्चों को डेंगू-मलेरिया की जानकारी दी जा रही है। इसके लिए उन्हें घर में साफ-सफाई रखने, फ्रिज की ट्रे, गमले, फूलदान सहित घरों के आसपास बने खड्ढों में जमा पानी को साफ करने की जानकारी दी जा रही है।

की जा रही है फोगिंग
चिकित्सा विभाग एवं नगर परिषद् द्वारा फोगिंग की जा रही है। ऐसे में महिलाएं ध्यान रखें कि अपने-अपने घरों के खिड़कियां और दरवाजें बन्द रखें। बच्चों एवं बुजुर्गों को घर के अंदर ही रखें ताकि उन्हें सांस लेने में दिक्कत ना आए। फोगिंग होने के आधे घंटे के बाद ही रसोई में खाना बनाने की कार्यवाही शुरु करें।

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