लक्ष्मणगढ़ स्थित नाथ आश्रम के बैजनाथ महाराज को केंद्र सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार देने की घोषणा की है। 90 वर्षीय बैजनाथ महाराज अध्यात्मवाद और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पहचाने जाते हैं। वे पिछले 20 वर्षों से नाथ आश्रम में श्री श्रद्धा संस्कृत विद्यापीठ का संचालन कर रहे हैं, जहां वेदों और योग का अध्ययन कराया जाता है। देशभर के विद्यार्थी इस संस्थान में पढ़ने आते हैं।
बैजनाथ महाराज का जन्म 12 जून 1935 को पनलावा गांव में हुआ। उन्होंने अपनी शिक्षा नवलगढ़ के पोद्दार कॉलेज से पूरी की और 1960 में कोठ्यारी स्थित ग्राम भारती विद्यापीठ के प्रिंसिपल बने। 1985 तक इस भूमिका में रहने के बाद वे नाथ आश्रम के पीठाधीश्वर बने। जीवनभर शिक्षा और अध्यात्म के प्रचार-प्रसार में जुटे बैजनाथ महाराज की यात्रा संघर्षों से भरी रही, लेकिन उनके समर्पण ने उन्हें अध्यात्म और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।