पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विवि में ‘कुलपति संवाद’ की अभिनव पहल…..

किताबी ज्ञान के साथ व्यक्तित्व विकास व प्रेक्टिकल नॉलेज की जरूरत : प्रो. राय

पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय सीकर में ‘कुलपति संवाद’ का शुभारंभ किया गया। इस अभिनव पहल के तहत कुलपति स्टूडेंट्स, कॉलेज प्राचार्य व निदेशकों और शिक्षकों से संवाद कर विभिन्न मुद्दों एवं सुझावों पर विचार विमर्श करेंगे। साथ ही उनके सुझावों और नवाचारों पर हाथों-हाथ अमल किया जाएगा।

कुलपति प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार राय ने बताया कि इस पहल के पीछे मुख्य उद्देश्य स्टूडेंट और कॉलेज प्राचार्य और निदेशकों से आए हुए सुझावों पर तत्काल कार्रवाई कर समस्याओं का समाधान करना है।
इस अभिनव पहल की शुरुआत कुलपति प्रोफेसर राय ने विद्यार्थियों के साथ संवाद कर की। शनिवार को कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने हिंदी, विधि, मैनेजमेंट, ज्योग्राफी, पॉलिटिकल साइंस, इतिहास, योगा, विज्ञान समेत कई विभागों के पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट्स से संवाद किया और उनकी जिज्ञासाओं को समाधान किया। इस अवसर पर प्रो. राय ने स्टूडेंट्स के सवालों का जवाब भी दिया और तत्काल हल भी किया।

सोचने समझने की क्षमता विकसित करें
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रोफेसर अनिल कुमार राय ने कहा कि अब नई शिक्षा नीति के तहत स्टूडेंट्स को पढ़ाई के साथ व्यक्तित्व विकास और प्रेक्टिकल नॉलेज बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने क्लासरूम टीचिंग के साथ प्रेक्टिकल नॉलेज और स्किल बेस्ड एजुकेशन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने टीचर्स से भी कहा कि न्यू एजुकेशन पॉलिसी के बाद अब समय और सिस्टम बदल रहा है। वर्तमान में किताबें पढ़ाने की बजाय स्टूडेंट्स की जरूरत को समझ कर पढ़ाना बहुत जरूरी है। आज क्लासरूम टीचिंग के अलावा स्टूडेंट्स को लाइब्रेरी में बैठकर रीडिंग हैबिट डालनी चाहिए, साथ ही कंप्यूटर लैब और फील्ड में भी काम करना चाहिए। प्रो. राय ने कहा कि केवल किताबी ज्ञान ही आज आवश्यक नहीं है, बल्कि उनमें सोचने समझने की क्षमता विकसित करने और नवाचारी दृष्टिकोण के लिए तैयार करना भी जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि हमें हमारे शिक्षण में नवाचारों को शामिल करते हुए बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करना है।

कक्षा में नियमित उपस्थिति जरूरी
संवाद के दौरान कुलपति प्रो. राय ने विवि में अध्यनरत विद्यार्थियों की कक्षा में उपस्थिति, शैक्षणिक सत्र के अनुसार पाठ्यक्रम की समाप्ति, परीक्षा उपरांत उत्तर पुस्तिकाओं का समय पर मूल्यांकन, विद्यार्थियों द्वारा शिक्षण सुधार के लिए फीडबैक पर संवाद किया। कुलपति ने शैक्षणिक सुधार एवं विद्यार्थियों के लिए सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव एवं दिशा निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी और प्राचार्य से आने वाले उचित सुझावों को तत्काल इंप्लीमेंट किया जाएगा। इस अवसर पर डिप्टी रजिस्ट्रार (एकेडमिक) डॉ.रविंद्र कटेवा, एसिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. संजीव कुमार भी मौजूद रहे।

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