पूर्व सांसद अश्क अली टांक को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि,
दुआ-ए-मगफिरत का आयोजन
जयपुर
राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद और पूर्व मंत्री अश्क अली टांक के निधन पर कांग्रेस परिवार और सर्वसमाज ने गहरा शोक व्यक्त किया। 5 अक्टूबर को उनके इंतकाल के बाद, रविवार को जयपुर स्थित उनके निवास पर दुआ-ए-मगफिरत और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और ईश्वर से उन्हें जन्नत में आला मुकाम अता फरमाने की दुआ की। इस अवसर पर वक्ताओं ने अश्क अली टांक के राजनीतिक सफर, अनुशासन, और आम कार्यकर्ताओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद करते हुए उन्हें सच्चा जननेता बताया। वक्ताओं ने कहा कि अश्क अली टांक न केवल कांग्रेस के एक अनुशासित सिपाही थे, बल्कि आम कार्यकर्ताओं के लिए एक भाई जैसे थे। उनकी कार्यशैली और सादगी के चलते वे राजस्थान के हर जिले में सैकड़ों कार्यकर्ताओं के बीच व्यक्तिगत पहचान रखते थे। उन्होंने जिला स्तर से लेकर राज्य और राष्ट्रीय राजनीति तक की मजबूत पारी खेली और हमेशा आम जनता और कार्यकर्ताओं की आवाज़ बने रहे। दुआ-ए-मगफिरत में राजस्थान सरकार के मंत्री भंवर सिंह भाटी, कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एमडी चोपदार, पूर्व मंत्री राजेन्द्र राठौड़, प्रहलाद गुंजल कोटा, पूर्व केंद्रीय मंत्री महादेव सिंह खंडेला, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया, हाईकोर्ट के पूर्व जज भंवरू खां, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष खानू खां बुधवाली, जाट नेता राजाराम मील, पूर्व मंत्री अशोक चांदना, विधायक आमीन कागजी, वरिष्ठ नेता लालचंद कटारिया, पूर्व विधायक अभिषेक मटोरिया, कांग्रेस प्रवक्ता आरसी चौधरी, ममता शर्मा, हरियाणा के पूर्व मंत्री दान सिंह, और कई अन्य गणमान्य नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान सभी ने टांक साहब के पुत्र वसीम टांक और परिवार को ढांढस बंधाया और दिवंगत नेता के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। अश्क अली टांक की राजनीतिक विरासत, उनके सेवा भाव और आम कार्यकर्ता के साथ मजबूत रिश्तों को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।