राष्ट्रव्यापी अभियान को हमें मिलकर ज़िम्मेदारी से उठाना होगा। सभी के सामूहिक प्रयास से ही इस कुप्रथा को समाप्त किया जा सकता है। यह विचार सीकर ज़िले में भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के आह्वान के समर्थन में ज़िले की पिपराली पंचायत समिति के तारपुरा ग्राम पंचायत में गायत्री सेवा संस्थान, उदयपुर एवं जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलाइंस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान के आगाज कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन (जेआरसी) के संस्थापक भुवन ऋभु ने ऑनलाइन व्यक्त किए।
इस अवसर पर सरपंच संतरा देवी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुआ कहा कि नन्ही उम्र खेलने, पढ़ने और आगे बढ़ने का समय है। बचपन में बच्चों को बाल विवाह के दलदल में डालना किसी पाप से कम नहीं हैं बाल विवाह समाज पर कलंक है, हमें सभी को मिलकर इसे मिटाना होगा। गायत्री सेवा संस्थान के जिला समन्वयक नरेश कुमार सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा संचालित इस अभियान से निश्चित ही बाल विवाह की रोकथाम एवं जन-जागरूकता में काफ़ी सहायता मिलेगी। आज पूरे राष्ट्र में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर बाल विवाह मुक्त समाज के लिए स्थानीय जन प्रतिनिधियों और ग्रामीणों को शपथ दिलवाने की भारत सरकार की अपील में सीकर ज़िले की पहल सराहनीय है, जल्द ही ज़िला प्रशासन के साथ मिलकर ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने के लिए प्रयास किया जाएगा।
सहायक उपनिदेशक बाल अधिकारिता विभाग सीकर गार्गी शर्मा ने बताया कि ज़िले में ज़िला प्रशासन, बाल अधिकारिता विभाग सीकर के साथ मिलकर प्रातः 10 बजे से शाम तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमे ज़िले के चयनित राजकीय बालिका स्कूल दौलतपुरा में दिल्ली में चल रहे कार्यक्रम को प्रोजेक्टर के माध्यम से बताया गया और बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ दिलवाई गई। समापन तारपुरा ग्राम पंचायत में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं मशाल यात्रा निकालकर किया गया।
इस अवसर पर स्थानीय सरपंच संतरा देवी,कैलाश नारायण शर्मा, हरलाल कड़वासरा, नेमीचंद खेदड, नंदलाल सेन, बाबूलाल चायल, लक्ष्मण सिंह शेखावत, ताराचंद भगत, बजरंग लाल जांगिड़, भगवती देवी, भंवरलाल पंच, मनीष जांगिड़, समाजसेवी रघुवीर मील, बनवारी लाल, पंकज कुमारी ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम के अंत में सरपंच सहित स्थानीय ग्रामीणों, बच्चों और गायत्री सेवा संस्थान के कार्यकर्ताओं ने गाँव में बाल विवाह मुक्त समाज का संदेश देते हुए मशाल यात्रा निकाली और बाल विवाह नहीं करवाने की शपथ ली ।