राजस्थान के सभी जिलों, तहसील और ग्राम पंचायत स्तर तक बीएसएनएल भारत फाइबर सेवाओं को पहुंचाने वाले सभी टीआइपी धारकों की जयपुर में अहम बैठक का आयोजन हुआ।
बैठक में बीएसएनएल भारत फाइबर सेवाओं में सुधार के लिए बीएसएनएल मैनेजमेंट के समक्ष अपने सुझाव देने हेतू एक एक प्लेटफॉर्म की जरूरत महसूस होने पर टीआईपी एसोसिएशन का गठन किया गया।
जिसमें सर्वसम्मति से ताराचंद चौधरी को संरक्षक, विजय साहनी को अध्यक्ष, रामचन्द्र सिंह बाज्या को सचिव, केसी राजा को कोषाध्यक्ष, सज्जाद खान को उपाध्यक्ष, मुकेश सुमरानी को मीडिया प्रभारी, अरविंद वैष्णव को उपसचिव पद के लिए चुना गया।
बैठक में सभी सदस्यों ने प्रदेषभर के टीआईपी धारकों की समस्याओं को प्रमुख रूप से उठाने, उनका समाधान कराने पर एकजुट होकर काम करने की बात कही।
राजस्थान बीएसएनएल टीआईपी एसोसिएशन के गठन के साथ ही कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए जिला स्तर पर एसएसए हेड बनाए गए है, जिनमें जयपुर से शुभम चौधरी, सीकर से मोहसिन आफरीदी, झुंझुनूं से मुकेश, चूरू से हरिराम जाट, जालोर से जगविंदर सिंह, पाली से दुदाराम माली, बूंदी से प्रधान, नागौर से तरूण, जोधपुर-अजमेर, भीलवाड़ा से सत्यनारायण जाट, गंगानगर से गगन कुमार, सवाई माधोपुर से सलीम, सिरोही से गौरव कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस दौरान सदस्यों ने मीटिंग में सभी बीएसएनएल भारत फाइबर पार्टनर्स ने बीएसएनएल का रेवेन्यू बढ़ाने के लिए विस्तृत चर्चा की जिसमें बीएसएनएल द्वारा अपने पार्टनर्स के सुझाव के बिना ही विभिन्न पॉलिसीज को लागू करना मुख्य मुद्दा रहा, जिसमे इस प्रकार की पॉलिसीज जो बिना पार्टनर्स की सहमति के लाई जा रही है,
जिसमें इस प्रकार की पॉलिसीज से बीएसएनएल और बीएसएनएल भारत फाइबर पार्टनर्स के बीच एक दूसरे के हितों में टकराव की वजह से पार्टनर्स नए निवेश से कतराते हैं,
अतः बीएसएनएल के पुराने एग्रीमेंट के साथ ही आगे बढ़ने पर सहमति बनी।
देश को पूर्ण रूप से डिजिटल बनाने में फाइबर सेवाओं का महत्वपूर्ण स्थान है, यदि कहीं पर भी स्मार्ट सिटी प्रोजक्ट या अन्य कोई प्रोजक्ट आता है तो संबंधित नगर निगम, नगर परिषद, एनएचएआई, रेलवे को ओएफसी नेटवर्क के लिए पहले अलग से जगह जगह बड़ी बड़ी ओएफसी डक्ट्स की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि एरियल ओएफसी को उन डक्ट्स में स्थानांतरित किया जा सकें और टेलीकॉम सेवाएं आम जन को सुगमता से मिल सकें।
इसके लिए सम्बंधित संस्था उसके रख रखाव के लिए नॉमिनल चार्जेज आरओडब्ल्यू एक्ट के अनुसार ले सकतें हैं। राज्य एवं केन्द्र सरकार ओएफसी नेटवर्क के लिए सरल और सुगम आरओडब्ल्यू परमिशन की सुविधा प्रदान करें।
टेलिग्राफ लाइन को बिना जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति के नुकसान पहुंचाने वाले के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई राज्य सरकार द्वारा सुनिश्चित किया जाएं। इस दौरान राजस्थान के सभी बीएसएनएल भारत फाइबर पार्टनर्स की ओर से विभिन्न मुद्दों और सुझावों का ज्ञापन विक्रम मालवीय, मुख्य महाप्रबंधक महोदय, बीएसएनएल राजस्थान टेलीकॉम सर्किल को दिया गया और सेवाओं की गुणवत्तापूर्ण वृद्धि के लिए विस्तृत चर्चा की गई।
इस दौरान विक्रम मालवीय, मुख्य महाप्रबंधक महोदय द्वारा आश्वासन दिया गया कि पार्टनर्स द्वारा दिए गए ज्ञापन पर गहनता से विचार किया जायेगा और दिसम्बर महीने में ही राजस्थान में बीएसएनएल भारत फाइबर सेवाओं के साथ बीएसएनएल की अनोखी सेवा ,इन्फ्रानेट लाइव टीवी, सेवाएं शुरू होने की पुरी संभावना है।
इसके साथ ही बीएसएनएल वाईफाई रोमिंग, सेवाओं को भी बड़े स्तर पर विस्तार किया जायेगा।
गंगानगर और बीकानेर के लिए बैंडविड्थ बढ़ाने के लिए अतिरिक्त लिंक्स पर कार्य किया जायेगा ताकि बीएसएनएल भारत फाइबर नेटवर्क पहले से मजबूत बनेगा। सीजीएम के साथ सभी बीएसएनएल भारत फाइबर पार्टनर्स ने रेवेन्यू डबल करने के साथ आम नागरिक तक सेवाएं पहुंचाने पर सहमति जताई।
सीजीएम ने बताया कि बीएसएनएल की समाज के वंचित बच्चों को डिजिटल सेवाएं प्रदान करने की ,विद्या मित्रम, के लिए ज्यादा से ज्यादा स्पॉन्सर ढूंढने पर ज़ोर दिया, ताकि समाज के वंचित बच्चों को भी शिक्षा के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म मिल सकें। इसके लिए विद्यालय, महाविद्यालय संस्था प्रधान या समाजसेवी, विभिन्न जन नायकों को विद्या मित्रम स्कीम के लिए स्पॉन्सर या भामाशाह बनने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
सभी बीएसएनएल भारत फाइबर पार्टनर्स और सीजीएम ने आम लोगों, प्रसिद्ध लोक कलाकारों, सोशल मिडिया इन्फ्लुएंसर्स, समाज सेवकों, राजनेताओं और लोकसेवकों, मीडियाकर्मियो से अपील की है की बीएसएनएल की भारत फाइबर सेवाओं को ज्यादा से ज्यादा प्रमोट करें ताकि आम नागरिक तक सेवाएं आसानी से पहुंच सकें। सभी पार्टनर्स के निवेदन पर सीजीएम ने ट्रांसमिशन नेटवर्क को बेहतर से बेहतर बनाने और कोर नेटवर्क को स्ट्रॉन्ग बनाने का आश्वासन दिया।