बूंदी जिले में शनिवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब श्रद्धालुओं से भरी एक तेज रफ्तार प्राइवेट बस बेकाबू होकर पलट गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 अन्य घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए कोटा रेफर किया गया है। सभी यात्री चौथ का बरवाड़ा (सवाई माधोपुर) में चौथ माता के दर्शन करने जा रहे थे। हादसा कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर देहीखेड़ा घाट के पास बराना में रात 2 बजे हुआ।
डीएसपी आशीष भार्गव के अनुसार, हादसा सड़क पर एक गड्ढा बचाने की कोशिश में हुआ। बस शनिवार रात 10 बजे रावतभाटा (चित्तौड़गढ़) से रवाना हुई थी, जिसमें कुल 43 यात्री सवार थे। जब बस सड़क पर पड़े गड्ढे से बचने की कोशिश में आई, तो बस बेकाबू हो गई और पलट गई।
बस के पलटने से दो श्रद्धालुओं की मौत
हादसे में रावतभाटा के निवासी अरविंद सिंह (62) और अंतिम कुमार (28) की मौके पर ही मौत हो गई। अंतिम कुमार राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना (आरएपीपी) रावतभाटा में ठेकेदार के साथ काम करते थे। घटना के बाद बस पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से यात्रियों को बाहर निकाला।
घायलों ने बताया हादसे की वजह
घायल यात्री नारायण सिंह ने बताया कि वे सभी रावतभाटा के RPS कॉलोनी के रहने वाले थे और चौथ का बरवाड़ा माताजी के दर्शन करने जा रहे थे। उन्होंने कहा, “सड़क पर गड्ढे से बचने के प्रयास में बस बिजली के पोल से टकरा गई और पलट गई।” गनीमत रही कि पोल में करंट नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
बस का डीजल टैंक फट गया
महिला यात्री लक्ष्मी देवी ने बताया कि हादसे के बाद बस का डीजल टैंक फट गया और सभी यात्री डीजल में सने हुए थे।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल यात्रियों को राहत दी और जेसीबी से बस को सीधा करवा लिया। बस ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।