भरतपुर और डीग जिलों में डिप्थीरिया का कहर: 20 दिन में 8 बच्चों की मौत, दहशत का माहौल….

इलाके में फैली अज्ञानता और झाड़-फूंक के चलते बच्चों को नहीं मिल पा रही समय पर मदद

भरतपुर और डीग जिलों के गांवों में घातक बीमारी डिप्थीरिया ने कहर बरपाया हुआ है। पिछले 20 दिनों में इस बीमारी से 8 बच्चों की मौत हो चुकी है। हालात इतने गंभीर हैं कि बच्चे बीमारी की चपेट में आने के बाद कुछ ही घंटों में दम तोड़ रहे हैं। किसी ने 15 घंटे तो किसी ने 24 घंटे में अपनी जान गंवाई। अब भी 16 बच्चे डिप्थीरिया से संक्रमित हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

भ्रम और झाड़-फूंक बनी जानलेवा
जिन गांवों में डिप्थीरिया का प्रकोप ज्यादा है, वहां दहशत का माहौल है, और परिजन अपनी बच्चों की जान जाने से बेहद गमगीन हैं। कई परिवारों ने माना कि वे इस बीमारी को झाड़-फूंक और सामान्य सर्दी-जुकाम समझते रहे, जिसके चलते सही इलाज और समय पर टीकाकरण से वंचित रह गए। इस कारण समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाई, जिससे हालात और बिगड़ते गए।

समाज में टीकाकरण को लेकर भ्रम
कई गांवों में टीकाकरण को लेकर भी अज्ञानता फैली हुई है। कुछ परिवारों ने भ्रम और गलतफहमी के कारण अपने बच्चों को डिप्थीरिया के खिलाफ जरूरी टीके नहीं लगवाए। इस वजह से संक्रमण तेजी से फैल रहा है और मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।

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