भारतीय किसान संघ सीकर और नीमकाथाना जिला इकाई ने शुक्रवार को सांसद अमराराम को ज्ञापन सौंपते हुए जीएम बीज और उनके उत्पादों को भारत में आने से रोकने की मांग की। भारतीय किसान संघ के नीमकाथाना जिला अध्यक्ष सतवीर सामोता ने बताया कि जीएम बीज, जो फसलों के जीन में आनुवंशिक परिवर्तन कर बनाए जाते हैं, मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकते हैं। इन बीजों से उत्पादित फसलों का उपयोग कुछ विकसित देशों में केवल जानवरों के खाने के लिए किया जाता है, जबकि मानव उपयोग के लिए यह सुरक्षित नहीं माने जाते।
सामोता ने कहा कि कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां इसे भारत में गुपचुप तरीके से ला रही हैं, जो कि हमारे कृषि और स्वास्थ्य के लिए खतरे की बात है। सुप्रीम कोर्ट ने भारत सरकार को जीएम बीज नीति बनाने के लिए 4 महीने का समय दिया था, और किसान संघ केंद्र से मांग करता है कि इस नीति को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार और मानव स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील तरीके से तैयार किया जाए।
इस अवसर पर भारतीय किसान संघ सीकर जिला अध्यक्ष डॉ. बृजमोहन सिंह, नीमकाथाना जिला अध्यक्ष सतवीर सामोता, मंत्री शिंभूदयाल टोडा, संभाग संगठन मंत्री नीरज कुमार और प्रोफेसर रामोतार बिजारनिया भी उपस्थित थे।