प्रदेश सरकार ने कक्षा 8 तक के छात्रों को दिए जाने वाले मिड डे मील की लागत में वृद्धि की है। महंगाई के कारण राजकीय स्कूलों में मिड डे मील बनाने की लागत में भी इजाफा हुआ था, जिसके बाद कच्चे सामान की खरीदारी में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था।
डीईओ प्रारंभिक मनोज कुमार ढाका ने जानकारी दी कि कुकिंग कन्वर्जन लागत में बढ़ोतरी की गई है। अब बाल वाटिका एवं प्राथमिक विद्यालयों में पुरानी दर 5.45 रुपए प्रति छात्र प्रतिदिन से बढ़ाकर 6.19 रुपए कर दी गई है। इसी प्रकार उप्रावि में प्रति छात्र की दर 8.17 रुपए से बढ़ाकर 9.29 रुपए कर दी गई है। मिड डे मील सामग्री का क्रय संबंधित स्कूल का पोषाहार प्रभारी करता है, और एसडीएमसी की अनुशंसा के बाद सामान के बिल का भुगतान किया जाता है।
इस समय जिले के 1258 राजकीय विद्यालयों में 1841 कुक कम हेल्पर मिड डे मील बनाने का कार्य कर रहे हैं। इन कुक कम हेल्पर महिलाओं को अब प्रति माह 2,143 रुपए का मानदेय मिलेगा।
डीईओ ढाका ने यह भी बताया कि राजकीय विद्यालयों में 1 से 50 छात्रों तक एक कुक कम हेल्पर, 51 से 150 छात्रों तक दो, 151 से 300 छात्रों तक तीन, और 301 से 500 छात्रों तक चार कुक कम हेल्पर लगाए जा सकते हैं।