युवाओं के कौशल और नवाचार से ही होगा आत्मनिर्भर शेखावाटी का सपना साकार : उपेन्द्र राय
आत्मनिर्भर शेखावाटी के विजन पर देशभर के विद्वतजनों ने किया मंथन
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ वार्षिकोत्सव ‘प्रत्युषा-2026’ संपन्न
सीकर।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर में दो दिवसीय वार्षिकोत्सव ‘प्रत्युषा-2026’ के अंतर्गत रविवार को “आत्मनिर्भर शेखावाटी संगम: विकसित भारत में युवाओं की भूमिका” विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देशभर से आए शिक्षाविदों, उद्यमियों, प्रवासी प्रतिभाओं एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भाग लेकर शेखावाटी क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यापक विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार, भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के प्रबंध संपादक और प्रधान संपादक उपेंद्र राय ने कहा कि ‘आत्मनिर्भर शेखावाटी का सपना तभी साकार होगा, जब युवा अपने कौशल, नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से क्षेत्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।’
उपेंद्र राय ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि अब समय केवल नौकरी खोजने का नहीं, बल्कि रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ने का है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलगुरु प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार राय ने कहा कि यह संगम केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शेखावाटी के विकास का वैचारिक मंच है, जहां अनुभव और युवा ऊर्जा मिलकर भविष्य का रोडमैप तैयार कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य शेखावाटी के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। युवाओं में पढ़ाई के साथ कमाई की आदत बनानी चाहिए तभी आत्मनिर्भरता आएगी।
डिप्टी रजिस्ट्रार रामसिंह सरावग ने बताया कि कार्यक्रम में सारस्वत अतिथि के रूप में पूर्व यूआईटी चैयरमैन हरिराम रणवां, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के राष्ट्रीय सह संयोजक ओम प्रकाश शर्मा, वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट और बौद्धिक अधिकार संपदा सलाहकार डॉ धनपत राम अग्रवाल, केंद्रीय निदेशक मंडल एसबीआई के निदेशक धर्मेंद्र सिंह शेखावत, मुंबई के उद्योगपति और समाजेसेवी राजेंद्र गुप्ता और कर्नल देवानंद आदि रहे। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने से ही शेखावाटी आत्मनिर्भर बनेगा। शेखावाटी आत्मनिर्भर बनेगा तभी शेखावाटी सुरक्षित भी रहेगा। इन सभी वक्ताओं ने शिक्षा, उद्यमिता, सामाजिक सहभागिता और नेतृत्व के माध्यम से शेखावाटी को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। धन्यवाद कुलसचिव श्वेता यादव ने किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि—युवा ही आत्मनिर्भर शेखावाटी के वास्तविक आधार हैं नवाचार, स्टार्टअप और कौशल विकास से क्षेत्र की दिशा बदली जा सकती है। इस अवसर पर सेवानिवृत्त प्राचार्य बनवारी लाल नेहरा का उत्कृष्ट योगदान और समाज सेवा के लिए सम्मानित किया गया।
नेहरा ने दो नौजवानो की पानी में डूबने से बचाकर जान बचाई थी।
कार्यक्रम में परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजेंद्रसिंह, सहायक कुलसचिव परीक्षा डॉ. आरसी मीना, सहायक कुलसचिव संपदा कन्हैया लाल जांगिड़, निदेशक आईटी पंकज मील समेत अधिकारी कर्मचारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। संचालन डॉ सुमित्रा गुप्ता ने किया।
नृत्य, गायन, संभाषण, चित्रकला और रंगोली प्रतियोगिताएं
वार्षिकोत्सव ‘प्रत्युषा.2026’ में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, नृत्य, गायन, संभाषण, चित्रकला और रंगोली प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने शेखावाटी की समृद्ध लोक संस्कृति की मनमोहक झलक प्रस्तुत की।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यमिता केन्द्र का लोकार्पण
वरिष्ठ पत्रकार, उपेंद्र राय ने विवि परिसर में स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय कौशल विकास केन्द्र और उद्यमिता केन्द्र और प्रतिभा पोषण केन्द्र का लोकार्पण किया। इस अवसर पर शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के राष्ट्रीय सह संयोजक ओम प्रकाश शर्मा, केंद्रीय निदेशक मंडल एसबीआई के निदेशक धर्मेंद्र सिंह शेखावत आदि उपस्थित रहे। मंच संचालन डॉ रेनु महलावत और डॉ आरजू कुमारी ने किया।