राइजिंग राजस्थान समिट का दूसरा दिन: प्रवासी राजस्थानी कॉन्क्लेव और प्रमुख सत्र…

कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने प्रवासी राजस्थानी निवेशकों के लिए सरकार की नीतियां साझा कीं

राइजिंग राजस्थान समिट के दूसरे दिन की शुरुआत प्रवासी राजस्थानी कॉन्क्लेव (NRR) से हुई। इस कार्यक्रम में राजस्थान सरकार ने प्रवासी राजस्थानियों को राज्य में निवेश की संभावनाओं और दी जाने वाली विशेष सुविधाओं के बारे में बताया।

कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान सरकार ने निवेशकों के लिए लालफीताशाही खत्म करने और ‘लाल कारपेट’ बिछाने का काम किया है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने 21 नई नीतियां बनाई हैं, जो निवेश को आकर्षित करने में सहायक होंगी।

कॉन्क्लेव के उद्घाटन में 108 बच्चों ने ‘पधारो म्हारे देश’ गीत गाकर प्रवासी राजस्थानी और डेलीगेट्स का स्वागत किया। इन बच्चों का चयन बाड़मेर और जैसलमेर के 34 गांवों से किया गया था। कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव भी उपस्थित थे।

उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का स्वागत भाषण

उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कार्यकर्ताओं से कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट को एक त्योहार के रूप में मनाया गया है, और इसके लिए वे सभी का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के बदलते व्यापारिक दृष्टिकोण पर भी बात की, जहां अब भारत यह तय करेगा कि दुनिया का व्यापार कैसे चलेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि समिट भले ही तीन दिन की है, लेकिन इसका प्रभाव हमेशा बना रहेगा और यह निरंतर चलता रहेगा।

आगामी सत्रों में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

समिट के दूसरे दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के सत्र भी आयोजित होंगे। निर्मला सीतारमण ‘सस्टेनेबल फाइनेंस, पब्लिक एंड प्राइवेट इंवेस्टमेंट’ पर सत्र को संबोधित करेंगी, जबकि नितिन गडकरी ‘सस्टेनेबल इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट’ विषय पर सत्र में अपने विचार रखेंगे।

पीएम मोदी का समिट उद्घाटन

राइजिंग राजस्थान समिट का उद्घाटन सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। उन्होंने राजस्थान की बढ़ती संभावनाओं पर चर्चा करते हुए राज्य की जमकर तारीफ की, और इसे एक ‘रिलायबल’ और ‘रिसेप्टिव’ राज्य बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान की सोच और कार्यशैली में बदलाव आ रहा है, और यहां के लोग चुनौतियों का सामना कर राज्य को और अधिक समृद्ध बना रहे हैं।

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