राजस्थान में घूमंतु और अर्द्ध घूमंतु जातियों को मिलेगी पहचान, सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ…

32 जातियों के लोगों को मिलेगा पहली बार सरकारी पहचान पत्र

राजस्थान में 32 घूमंतु, अर्द्ध घूमंतु और विमुक्त जातियों के लोगों को अब जीवन में पहली बार सरकारी दस्तावेजों से पहचान मिल पाएगी। ये लोग अब तक बेघर और सरकारी योजनाओं से वंचित थे। न इनके पास आधार था, न ही जनाधार, और न ही बैंक खाते थे। ऐसे में सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलना नामुमकिन था। अब केंद्र और राज्य सरकार इन जातियों के लिए पहचान पत्र जारी करने जा रही है, ताकि उन्हें आवास और जमीन जैसे अधिकार मिल सकें।

गांव-गांव शिविर लगाकर इन जातियों के जाति प्रमाण और मूल निवास प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। इसके बाद आधार और जनाधार कार्ड बनाकर इन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। हालांकि, कुछ जातियों के नाम में भिन्नता के कारण सभी को इसका लाभ नहीं मिल सकेगा, जैसे रैबारी, रायका और देवासी जातियां इस सूची से बाहर हैं, जबकि ये जातियां एक ही हैं और राजस्थान में ऊंट पालने का काम देवासी जाति के लोग करते हैं।

सरकारी योजनाओं से जुड़ने का अवसर

इस पहचान पत्र के जरिए इन जातियों के लोग सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके तहत वे शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सरकारी सेवाओं का फायदा ले सकेंगे। पहचान पत्र एक आधिकारिक दस्तावेज होगा, जिससे इनकी पहचान की पुष्टि हो सकेगी। इसके साथ ही, इन जातियों को पहली बार आवास और जमीन जैसी योजनाओं का लाभ मिलेगा।

प्रमुख जातियों का विवरण

राज्य सरकार ने 32 जातियों की सूची जारी की है, जिनमें निम्नलिखित जातियां शामिल हैं:

  • विमुक्त जातियां: बावरी, नट, कंजर, नाइक, साँसी, मुल्तानिस, बागरी, बावरिया, भाट, मोगिया।
  • घूमंतु जातियां: बालदीयाज, बंजारा, जोगी कालबेलिया, परधिस, जोगी कनफटा, दोमाबरिस, खुरपलट्स, कुलफलट्स, गाडिया-लोहार, सिकलीगर, इरानिस, घीसादिस।
  • अर्द्धघूमंतु जातियां: सारंगीवाला भोपा, जोगी, रैबारी, गिरिनाथ, राठ, अजयपाल, मंगलियास, अगमनाथ, भाया, नामाथ, कन्नीस, जालंधर, जंगलस, मसानी, जालूकूस, रामास्वामी, झानस, भारादिजाधव, सिन्दुलस।

राजस्थान के जोधपुर संभाग में देवासी समाज की सघन बसावट है, जिसमें लगभग 10 लाख लोग शामिल हैं। इस योजना से इन समुदायों को कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।

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