राजस्थान लोक सेवा आयोग की नई पहल: संदिग्ध शैक्षिक रिकॉर्ड वाले अभ्यर्थियों पर कड़ी नजर…

विभागों को दिए गए दस्तावेज सत्यापन के सख्त दिशा-निर्देश

राजस्थान लोक सेवा आयोग ने अब उन अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की कड़ी जांच करने की दिशा में एक नई पहल शुरू की है, जो 10वीं से लेकर यूजी-पीजी तक तृतीय श्रेणी में पास हुए हैं। आयोग ने सभी विभागों से कहा है कि ऐसे अभ्यर्थियों की सूची उन्हें भेजी जाए जो थर्ड डिवीजन में पास हैं, ताकि उन्हें संदिग्ध माना जा सके। आयोग का मानना है कि यदि इन अभ्यर्थियों का शैक्षिक रिकॉर्ड निराशाजनक रहा है, तो यह सवाल उठता है कि वे प्रतियोगी परीक्षा में चयनित कैसे हुए।

इसके अलावा, दस्तावेज सत्यापन में केवल शैक्षणिक दस्तावेजों का मिलान ही पर्याप्त नहीं होगा। अब आयोग ने निर्देश दिए हैं कि अभ्यर्थियों के शैक्षिक रिकॉर्ड का पूरा रेखा चित्र (ट्रेल) भी देखा जाएगा। यदि किसी अभ्यर्थी का शैक्षिक इतिहास निराशाजनक है, तो विभागों को उच्च स्तरीय समिति से उसकी गहन जांच करानी होगी। जांच के बाद, उसके निष्कर्ष आयोग को भेजे जाएंगे।

आयोग ने यह भी कहा है कि दस्तावेज सत्यापन के लिए विभागों द्वारा गठित टीम में कम से कम 4 कार्मिक होंगे, जिनमें दो राजपत्रित और दो अराजपत्रित अधिकारी होंगे। इन टीमों को मास्टर ट्रेनर द्वारा सघन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रक्रिया में शैक्षणिक डिप्लोमा, डिग्री, अंक तालिका, खेल प्रमाण पत्र, दिव्यांग प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्रों की विशेष जांच की जाएगी।

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