राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) ने प्रदेश में अधिशेष शिक्षकों के समायोजन को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संघ के प्रदेश सभा अध्यक्ष संपत सिंह ने बताया कि इस हेतु आज प्रदेश अध्यक्ष रमेश पुष्करणा द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया जिसमें उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों द्वारा जारी किए गए निर्देशों में विसंगतियां और अव्यवहारिकताएं हैं, जिनके कारण समायोजन की प्रक्रिया सही ढंग से नहीं हो पा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से हस्तक्षेप की मांग करते हुए आरोप लगाया कि यह स्थिति सरकार को बदनाम करने का प्रयास है।
पुष्करणा ने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा अधिशेष शिक्षकों के समायोजन के लिए एक समान नीति अपनाने की बजाय, विभिन्न मापदंडों से गणना की जा रही है, जिससे विभागीय अधिकारी आपस में भी असहमत हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को समय रहते इन विसंगतियों पर ध्यान देना चाहिए और एक स्पष्ट नीति जारी करनी चाहिए। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग द्वारा महात्मा गांधी विद्यालयों में नियमित शिक्षकों की जगह संविदा शिक्षकों को समायोजित किया जा रहा है, जबकि कक्षा 1 से 12 तक विभिन्न स्तरों पर पदों का आवंटन भी असंगत है। पुष्करणा ने कहा कि विभाग की नीति शिक्षकों को मानसिक रूप से परेशान करने और शिक्षा व्यवस्था में असंतोष फैलाने का कारण बन रही है। संगठन के जिला अध्यक्ष हमीर सिंह एवं जिला मंत्री कल्याण सिंह ने कहा कि यदि संगठन के अध्यक्ष महोदय के आग्रह को स्वीकार नहीं किया गया, तो शिक्षक संघ (राष्ट्रीय)आंदोलनात्मक कदम उठाएगा।