राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय राष्ट्र निर्माण का पूर्ण दर्शन : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

बांसवाड़ा में शिक्षक संघ के प्रदेश स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन का समारोप

राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय राष्ट्र निर्माण का पूर्ण दर्शन : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
बांसवाड़ा में शिक्षक संघ के प्रदेश स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन का समारोप

सीकर।

राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के बांसवाड़ा में आयोजित प्रदेश स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन के समारोप सत्र में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं और उनकी समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय “संगठन से पहले राष्ट्र” की भावना के साथ कार्य कर रहा है, जो राष्ट्र निर्माण का पूर्ण दर्शन प्रस्तुत करता है।

प्रदेश सभाध्यक्ष संपत सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं मां भारती के चित्रों पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। बेणेश्वर धाम के महंत अच्युतानंद जी महाराज ने आशीर्वचन प्रदान किए तथा आगामी 3 जनवरी 2026 को पौष पूर्णिमा पर आयोजित होने वाली विशाल पदयात्रा में सम्मिलित होने का आमंत्रण दिया। सम्मेलन में जनजातीय मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व एवं उपनिवेश मंत्री हेमंत मीणा, राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को नमन करते हुए कहा कि वे समाज को दिशा देने वाले दीपक हैं। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर, स्वामी विवेकानंद एवं आचार्य चाणक्य के विचारों का उल्लेख करते हुए शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए 92 हजार नियुक्तियां, पेपर लीक मुक्त परीक्षाएं, विद्यार्थियों को टैबलेट व साइकिल वितरण, विद्यालयों को मरम्मत अनुदान, अटल लाइब्रेरी स्थापना तथा कोचिंग सेंटर विधेयक जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी।

मुख्य वक्ता नारायण लाल गुप्ता ने कहा कि शिक्षक संघ अब आंदोलनकारी छवि से आगे बढ़कर शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र पुनर्निर्माण के लक्ष्य के साथ कार्य कर रहा है। प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने शिक्षकों से संबंधित विभिन्न मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। सम्मेलन के खुले सत्र में चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के शीघ्र एवं प्रभावी क्रियान्वयन तथा संगठन के नाम परिवर्तन का प्रस्ताव प्रमुख रहा।

जिला अध्यक्ष कल्याण सिंह एवं जिला मंत्री रामलाल ने बताया कि सीकर जिले से बड़ी संख्या में शिक्षकों ने सम्मेलन में सहभागिता कर संगठन की एकता एवं शैक्षिक चिंतन को सशक्त बनाया।

 

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