रामनवमी की पूर्व संध्या पर भव्य एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा बुधवार को 

बैजनाथ सोभासरिया ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है आयोजन

रामनवमी की पूर्व संध्या पर भव्य एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा बुधवार को
बैजनाथ सोभासरिया ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है आयोजन

सीकर

धर्म, आस्था, संस्कृति एवं सामाजिक समरसता का अद्वितीय संगम “रामनवमी महोत्सव” इस वर्ष भी सीकर शहर में अत्यंत हर्षोल्लास, श्रद्धा एवं भव्यता के साथ मनाया जाएगा। प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी बैजनाथ सोभासरिया ट्रस्ट द्वारा रामनवमी की पूर्व संध्या पर आज दिनांक 25 मार्च 2026 (बुधवार) को सांयकाल 4:00 बजे से एक भव्य, विशाल एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है, जो पूरे शहर में आस्था का अनुपम वातावरण निर्मित करेगी।
ट्रस्ट के उपाध्यक्ष घनश्याम प्रसाद अग्रवाला ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष शोभायात्रा को और अधिक आकर्षक, अनुशासित एवं भव्य बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। इस आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता अपेक्षित है, जिसमें विशेष रूप से महिलाओं, युवाओं एवं सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी रहेगी।
शोभायात्रा की विशेषताएं एवं आकर्षण
शोभायात्रा में 1100 महिलाएं एक समान पारंपरिक साड़ी धारण कर सिर पर कलश लेकर भगवान श्रीराम के बैनर के साथ चलेंगी, जो भारतीय संस्कृति एवं नारी शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन होगा। पुरुष वर्ग भी एक समान साफा (पगड़ी) पहनकर एकरूपता एवं अनुशासन का परिचय देगा।
शोभायात्रा में 2 विशेष रथों में भगवान श्रीराम का ध्वज एवं भव्य बैनर अग्रिम रूप से चलेंगे, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
इस वर्ष शोभायात्रा में सजे-धजे ऊंट, घोड़े, बग्गियां एवं जीवंत झांकियां शामिल होंगी — जिनमें 2 हाथी, 4 ऊंट, 2 बग्गियां, 11 घोड़े एवं 5 प्रमुख सांस्कृतिक झांकियां विशेष आकर्षण रहेंगी। झांकियों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंग, आदर्श, मर्यादा एवं प्रेरणादायक घटनाओं का सजीव चित्रण किया जाएगा। बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़े एवं भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुत भक्तिमय संगीत पूरे वातावरण को राममय बना देगा।
सुव्यवस्थित संचालन हेतु विशेष व्यवस्थाएं
शोभायात्रा को सुचारू, सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए ट्रस्ट द्वारा विशेष दिशा-निर्देश एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं—
शोभायात्रा में युवक एवं युवतियों की अलग-अलग टीमों को व्यवस्था एवं अनुशासन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूरे मार्ग में प्रसाद वितरण हेतु दोनों ओर स्वयंसेवक तैनात रहेंगे, जो श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से प्रसाद वितरित करेंगे। पेयजल व्यवस्था के लिए पानी के पैकेट्स वाहन के माध्यम से लगातार उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कचरा संग्रहण हेतु पृथक वाहन एवं स्वयंसेवकों की टीम नियुक्त की गई है, जो खाली पाउच एवं पैकेट्स का समुचित निस्तारण सुनिश्चित करेगी।
भगवान के रथ के साथ दोनों ओर पंडितों द्वारा चंवर सेवा की जाएगी, जिससे धार्मिक गरिमा एवं भव्यता में वृद्धि होगी।
शोभायात्रा का निर्धारित मार्ग
यह भव्य शोभायात्रा श्रीराम मंदिर, सोभासरिया विश्राम भवन, श्रमदान मार्ग, सीकर से प्रारंभ होकर तापड़िया बगीची, स्टेशन रोड, जाटिया बाजार, श्री रघुनाथ जी मंदिर, श्री गोपीनाथ जी मंदिर, श्री गणेश जी मंदिर, बजाज रोड से होते हुए पुनः श्रीराम मंदिर पहुंचेगी, जहां महाआरती एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का भव्य समापन किया जाएगा।
मार्ग के विभिन्न स्थानों पर शहरवासियों द्वारा पुष्पवर्षा, स्वागत एवं अभिनंदन किया जाएगा, जिससे पूरे शहर में उत्सव का माहौल रहेगा।
भक्ति एवं सांस्कृतिक माहौल
शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु “जय श्रीराम” के जयघोष, भजन-कीर्तन एवं प्रेरणादायक स्लोगन के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों — मर्यादा, सत्य, त्याग एवं धर्म — का संदेश जन-जन तक पहुंचाएंगे। यह आयोजन केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता एवं सांस्कृतिक चेतना का भी प्रतीक बनेगा।
सार्वजनिक अपील
ट्रस्ट के अध्यक्ष पद्मश्री प्रहलाद राय अग्रवाला व उपाध्यक्ष घनश्याम प्रसाद अग्रवाला एवं कुंज बिहारी अग्रवाला ने समस्त शहरवासियों से विनम्र अपील की है कि “यह आयोजन केवल ट्रस्ट का नहीं, बल्कि पूरे सीकर शहर की आस्था, संस्कृति एवं गौरव का प्रतीक है। अतः अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस भव्य शोभायात्रा को सफल बनाएं और भगवान श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त करें।” साथ ही सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि इस आयोजन की सूचना का अधिकतम प्रचार-प्रसार करें, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु इस दिव्य आयोजन का साक्षी बन सके।