शेखावाटी की बेटी योगिता को दो-दो अंतरराष्ट्रीय स्कॉलरशिप

ऑक्सफोर्ड की ‘रोड्स स्कॉलर 2026’ में चयन, स्विट्ज़रलैंड की स्कॉलरशिप भी मिली

शेखावाटी की बेटी योगिता को दो-दो अंतरराष्ट्रीय स्कॉलरशिप

ऑक्सफोर्ड की ‘रोड्स स्कॉलर 2026’ में चयन, स्विट्ज़रलैंड की स्कॉलरशिप भी मिली

सीकर

शेखावाटी की बेटी योगिता ने अंतरराष्ट्रीय शिक्षा जगत में नया इतिहास रचते हुए दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित रोड्स स्कॉलरशिप 2026 हासिल की है। रोड्स ट्रस्ट की घोषणा के अनुसार इस वर्ष भारत से केवल छह छात्रों का चयन हुआ है, जिनमें योगिता भी शामिल हैं। इस स्कॉलरशिप के तहत वे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में पूरी तरह फंडेड डीफ़िल करेंगी। इससे भी अधिक गर्व की बात यह है कि योगिता को स्विट्ज़रलैंड की एक अंतरराष्ट्रीय स्कॉलरशिप का भी ऑफर मिला है। दो-दो वैश्विक स्कॉलरशिप हासिल करना न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। योगिता पूर्व अतिरिक्त कोषाधिकारी हरफूल सिंह खींचड़ की दौहिती, लक्ष्मण सिंह सुंडा की पोत्री और राजेंद्र सिंह सुंडा की पुत्री हैं। राजेंद्र सिंह वर्तमान में केरल के कोच्चि में ग्रेनाइट व्यवसाय से जुड़े हैं।

योगिता ने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से बी.एससी. (ऑनर्स) रसायन विज्ञान पूरा किया और अपने कॉलेज समय में कई शैक्षणिक पुरस्कार अर्जित किए। आगे उन्हें यूरोपीय आयोग की प्रतिष्ठित इरेस्मस मुंडस स्कॉलरशिप मिली, जिसके माध्यम से उन्होंने फ्रांस और पोलैंड की प्रमुख यूनिवर्सिटियों से मास्टर्स डिग्री हासिल की। उनका शोध कैंसर उपचार हेतु बोरॉन-युक्त पॉलिमरिक नैनोकणों के विकास पर आधारित था। इसके अतिरिक्त उन्होंने आईआईटी बॉम्बे, आईआईएससी बेंगलुरु और सेंट स्टीफंस कॉलेज में भी विभिन्न वैज्ञानिक परियोजनाओं पर कार्य किया। वे स्कूली शिक्षा से ही उत्कृष्ट रही हैं—10वीं में 98.2 प्रतिशत तथा 12वीं में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।

शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ योगिता कला और सामाजिक सेवा में भी सक्रिय रही हैं। वे प्रशिक्षित भरतनाट्यम नृत्यांगना हैं और कॉलेज की कोरियोग्राफी तथा थिएटर सोसायटी से जुड़ी रहीं। सामाजिक सेवा गतिविधियों में उन्होंने वंचित बच्चों को शिक्षा उपलब्ध करवाने, संकटग्रस्त परिवारों की मदद करने और कॉलेज के नॉन-टीचिंग स्टाफ को अंग्रेज़ी सिखाने की पहल की। ये सभी कार्य उन्होंने कॉलेज की सोशल सर्विस लीग के माध्यम से संचालित किए।

ऑक्सफोर्ड में योगिता वैक्सीन और उपचारों की डिलीवरी के लिए पॉलिमरिक व हाइब्रिड बायोमटीरियल्स पर शोध करना चाहती हैं। उनका लक्ष्य भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए सस्ती और सुलभ नैनोमेडिसिन विकसित करना है। अपने चयन पर उन्होंने कहा कि रोड्स स्कॉलरशिप उनके लिए असाधारण अवसर है और वे ऐसा शोध करना चाहती हैं जो भारत की वास्तविक स्वास्थ्य-जरूरतों को पूरा कर सके।

योगिता की इस उपलब्धि पर प्रदेशभर से बधाइयों की बरसात हो रही है। लोग इसे शेखावाटी की बेटियों की प्रतिभा और क्षमता का वैश्विक प्रमाण मान रहे हैं। रोड्स स्कॉलरशिप दुनिया की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित ग्रेजुएट फ़ेलोशिप है, जिसकी शुरुआत 1903 में हुई थी और भारत में इसे 1947 से प्रदान किया जा रहा है। सामान्यतः पाँच भारतीय छात्रों का चयन होता है, लेकिन इस वर्ष छह छात्रों का चयन कर भारत को विशेष स्थान दिया गया है।

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