शेखावाटी क्षेत्र में सेना में भर्ती की दौड़ में अब लड़कियां भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने लगी हैं। आज यहां के चार जिलों से करीब 3000 बेटियां हर साल सेना की तैयारी करती हैं, और इनमें से लगभग 350 बेटियां सेना में चयनित होती हैं। सीकर संभाग में सवा लाख से अधिक सेवारत और पूर्व सैनिक हैं, जबकि 572 शेखावाटी के जवानों ने देश के लिए शहादत दी है। यहां के परिवारों में सेना से जुड़ाव की एक लंबी परंपरा है।
रिटायर्ड कर्नल जगदेव सिंह कृष्णियां का कहना है कि शेखावाटी का वातावरण ऐसा है कि यहां के लोग बचपन से ही सेना के अनुशासन में रहते हैं। शेखावाटी के सैनिकों का साहस इतना प्रसिद्ध था कि ब्रिटिश जनरल उन्हें कैनन फॉडर कहते थे। इस क्षेत्र में हर साल लगभग एक लाख युवा सेना भर्ती की तैयारी करते हैं और यहां 50 से अधिक डिफेंस एकेडमी भी हैं। शेखावाटी में सेना से जुड़ने की परंपरा को बढ़ावा देने में युवाओं की मेहनत और उनके साहस की बड़ी भूमिका है।