ग्राम खींचावास में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन आचार्य महेश शास्त्री ने श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनाया, जिसे श्रद्धालुओं ने भाव विभोर होकर सुना। कथा की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, जिसके बाद झांकियों ने भक्तों का मन मोह लिया। भगवान श्रीकृष्ण की महारास लीला और मथुरा गमन प्रसंग का वर्णन किया गया, जिसमें गोपियों के विरह वेदना का चित्रण हुआ। इस दौरान भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे और भगवान के विवाह उत्सव को उल्लासपूर्वक मनाया।