सीकर जिले के रींगस उप-जिला अस्पताल में एक पीटीआई शिक्षक के शव को चूहों द्वारा कुतरने का मामला सामने आया है। मृतक के दोस्त ने दावा किया कि उसने खुद चूहों को शव के पास देखा, वहीं परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही और शव की बेकद्री का आरोप लगाया है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को गलत बताया है।
लखनऊ निवासी 45 वर्षीय हेमचंद जोशी, जो एक निजी स्कूल में पीटीआई थे, कुछ महीनों से रींगस में रह रहे थे। शनिवार को वे घर पर बेहोश मिले, जिसके बाद परिजन उन्हें अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्युरी में रखा गया, लेकिन एक घंटे बाद जब उनका दोस्त अभिनव वहां पहुंचा, तो उसने शव पर घावों के निशान देखे और चूहों द्वारा कुतरने का आरोप लगाया। इस घटना को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में रोष है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमएचओ डॉ. अशोक महरिया ने अस्पताल प्रभारी से रिपोर्ट मांगी है, हालांकि प्रभारी डॉ. रामवतार दायमा ने किसी भी लापरवाही से इनकार किया है।