सरकारी स्कूलों में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध और स्वच्छता अभियान…

नो प्लास्टिक डे की शुरुआत प्रत्येक शनिवार को

सरकारी विद्यालयों में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके तहत अब विद्यार्थी और स्टाफ के सदस्य बिस्किट के पैकेट, वेफर्स, कृत्रिम फूल और प्लास्टिक के गिलास उत्पाद स्कूल परिसर में नहीं ला सकेंगे। सरकारी स्कूलों में प्रत्येक शनिवार को नो प्लास्टिक डे मनाया जाएगा।

प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को देखते हुए स्कूलों में प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने निर्देश जारी किए हैं। इसमें बताया गया है कि मानव लाखों टन सिंगल यूज प्लास्टिक का उत्पादन करता है, जिसमें अधिकांश को पुनः नवीनीकरण नहीं किया जा सकता है।

शनिवार को मनाएंगे नो प्लास्टिक डे

प्रत्येक शनिवार को एक कालांश में सिंगल यूज प्लास्टिक को प्रतिबंधित करने का महत्व समझाया जाएगा। हर शनिवार को नो प्लास्टिक डे मनाया जाएगा जिससे विद्यार्थी सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे और परिवारजन को भी इस संबंध में प्रोत्साहित करेंगे।

विद्यार्थियों एवं कार्मिकों को रोगों से मुक्त रखने के लिए प्रत्येक सप्ताह स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।

दुष्प्रभावों के बारे में बताएंगे

स्कूलों में शनिवार के दिन विद्यार्थियों को सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा। विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों को भी प्लास्टिक के उपयोग को घटाने और इसके अन्य विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिले के सरकारी स्कूल परिसरों को प्लास्टिक मुक्त जोन घोषित किया गया है। स्कूलों के आसपास 200 मीटर में इसके उपयोग पर प्रतिबंध लागू रहेगा। जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष ढाका ने बताया कि स्कूलों में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पाबंदी रहेगी। इससे विद्यार्थी प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जान सकेंगे। इसके बारे में ब्लाक के सभी संस्था प्रधानों को आदेश जारी किए जा रहे हैं।

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