मेवाड़ के कृष्णधाम सांवलियाजी मंदिर में एक श्रद्धालु ने 11 लाख रुपए कीमत के दो सोने के हार अर्पित किए। इन हारों में 55 ग्राम सोना और हीरे-मोती जड़े हुए हैं। श्रद्धालु ने अपनी पहचान गुप्त रखी है और बताया गया कि वे मुंबई में जेम्स और ज्वेलरी का व्यापार करते हैं। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालु परिवार का स्वागत करते हुए उन्हें प्रसाद और उपरणा भेंट किए।
मंदिर में बढ़ती चढ़ावे की राशि को देखते हुए एक नया दानपात्र (भंडार) बनाने का निर्णय लिया गया है। यह भंडार लकड़ी का बना होगा, जिसे चांदी के पतरे से सजाया जा रहा है। इस कार्य के लिए मंदिर प्रशासन ने लगभग डेढ़ क्विंटल चांदी को कारीगरों को सौंपा है। नया दानपात्र सागवान की 3 इंच मोटी लकड़ी से बनाया जाएगा, जिसकी लंबाई 11 फीट, चौड़ाई 5 फीट और ऊंचाई 40 इंच होगी। भंडार पर लक्ष्मी, गणेश, सरस्वती और गोवर्धन धारी भगवान कृष्ण, कमल के फूल, और पत्तों की सुंदर चित्रकारी की जाएगी।
दान की राशि में वृद्धि के मद्देनजर बदलाव
मंदिर प्रशासन के मुताबिक, पुराने भंडार को हटाकर इसे नए स्थान पर स्थापित करने का भी योजना बनाई जा रही है। इससे मंदिर के दानपात्रों की व्यवस्था और भी सुदृढ़ होगी, ताकि भक्तों द्वारा दी जाने वाली बढ़ी हुई चढ़ावों को समायोजित किया जा सके।