सारण परिवार ने पेश किया अनूठा उदाहरण
देहदान – मृत्यु के बाद भी मानवता की सेवा
सीकरः
श्री कल्याण राजकीय मेडिकल कॉलेज सीकर में स्व. देहदानी रूड़ाराम जी सारण, निवासी घिरणियां बड़ा तहसील नेछवा, सीकर की प्रथम पुण्य तिथि के अवसर पर उनकी धर्मपत्नि श्रीमती धन्नी देवी, पुत्र मोहन सिंह (फौजी), पुत्रवधू सोनी देवी ने देहदान की घोषणा की एवं सारण परिवार की प्रेरणा से हरलाल फेनिन पुत्र श्री गोमाराम फेनिन निवासी काछवा सीकर, श्री चन्द्रभान वर्मा पुत्र श्री कुल्डाराम चौधरी एवं श्रीमती विमला देवी धर्मपत्नि चन्द्रभान वर्मा निवासी पिपराली रोड़ सीकर ने भी अपने देहदान की घोषणा की। देहदान एक ऐसा महान कार्य है, जिसके माध्यम से मृत्यु के पश्चात् हम अपने शरीर को चिकित्सा शिक्षा और शोध के लिए समर्पित कर सकते हैं। मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र मानव शरीर की संरचना को समझने के लिए दान की गई देह का अध्ययन करते हैं। यही विद्यार्थी आगे चलकर कुशल डॉक्टर बनते हैं और अनगिनत लोगों का जीवन बचाते हैं। यह परोपकार, करुणा और मानव सेवा की सर्वोच्च भावना को दर्शाता है। देहदान अंत नहीं, बल्कि मानवता की एक नई शुरुआत है। इस मौके पर स्वामी केशवानन्द शिक्षण संस्थान समूह के निदेशक रामनिवास ढाका, भागीरथ सारण पुत्र देहदानी रूडाराम सारण, जिलाध्यक्ष, ग्राम विकास अधिकारी, सीकर, गंगाधर सारण पुत्र मोहनसिंह (फौजी), अतिरिक्त रजिस्ट्रार, सहकारी, समितियां, जयपुर, डां. ममता सारण पुत्री भागीरथ सारण, चिकित्सा अधिकारी, एडवोकेट भगतसिंह पुत्र चन्द्रभान वर्मा, बी. एल. मील, सत्येन्द्र कुड़ी, सुभाष निठारवाल, बनवारी फोगावट, ओमपाल सिंह, डां. मुकेश मातवा, हरदेवा राम रूहेला, डां. अशोक कुमार, प्रिसीपल, मेडिकल कॉलेज, सीकर, डां. सरयू सैन, एचओडी, एनाटॉमी विभाग एवं डां. विश्वदीपक सहित गणमान्य लोगो की उपस्थिति में घोषणा की।