सीएलसी में दीपोत्सव का भव्य आयोजन, हज़ारों दीपों की रौशनी में जगमगाया परिसर, युवाओं को मिला ‘भारत प्रथम’ का संदेश

सीएलसी में दीपोत्सव का भव्य आयोजन, हज़ारों दीपों की रौशनी में जगमगाया परिसर, युवाओं को मिला ‘भारत प्रथम’ का संदेश

सीएलसी में दीपोत्सव का भव्य आयोजन, हज़ारों दीपों की रौशनी में जगमगाया परिसर, युवाओं को मिला ‘भारत प्रथम’ का संदेश
सीकर

शिक्षा और संस्कार का संगम कहलाने वाले सीएलसी संस्थान में दीपोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पूज्य गुरुदेव पंडित श्री हरिनाथ चतुर्वेदी और नाथ जी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर किया गया। सीएलसी परिसर दीपों की झिलमिल रोशनी से इस तरह आलोकित हुआ मानो ज्ञान, संस्कार और राष्ट्रप्रेम की ज्योति एक साथ प्रज्वलित हो उठी हो। कार्यक्रम का शुभारंभ सुप्रसिद्ध भजन सम्राट प्रकाश जी माली द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना से हुआ, जिनकी मधुर वाणी ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके पश्चात अतिथियों का माल्यार्पण एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। दीपोत्सव कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक श्री निम्बाराम जी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने “संपूर्ण समाज के जीवन को प्रकाशमय बनाने में युवाओं का योगदान” विषय पर प्रेरणादायक व्याख्यान दिया। अपने सारगर्भित संबोधन में उन्होंने कहा कि बहुत सी दिवालियाँ देखीं, परंतु जैसी दिवाली आज सीएलसी में देखी, वैसी कहीं नहीं देखी। उन्होंने आगे कहा कि यह दृश्य देखकर गर्व होता है जब देश के हर कोने के छात्र और अभिभावक एक ही छत के नीचे एक दीपमालिका के रूप में एकत्रित हों। अपने संबोधन में उन्होंने स्वामी विवेकानन्द सहित अन्य महापुरुषों के जीवन से उदाहरण प्रस्तुत किए और कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में एक ऐसा नायक चुनना चाहिए,
जिससे प्रेरणा लेकर जीवन में आगे बढ़ा जा सके। उन्होंने कहा कि सीएलसी में शिक्षा के साथ संस्कार भी मिलते हैं और यही इसे विशेष बनाता है। उन्होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है जब हमें एक ही नैरेटिव लेकर आगे बढ़ना चाहिए और वो है, सबसे पहले भारत और भारत ही सर्वोपरि।
मुख्य वक्ता के प्रेरणादायक संबोधन के पश्चात सीएलसी निदेशक इंजीनियर श्रवण चौधरी के साथसामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। पूरे परिसर में एक साथ हज़ारों दीपों का प्रज्ज्वलन हुआ और आसमान आतिशबाज़ी की रोशनी से जगमगा उठा। छात्रों, अभिभावकों और स्टाफ के चेहरों पर उल्लास और गर्व की झलक स्पष्ट दिखाई दे रही थी। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्य सूचना आयुक्त श्री प्रदीप जी शेखावत ने भी छात्रों को संबोधित किया और कहा कि
युवा अगर अपने जीवन में अनुशासन और संकल्प को अपनाएँ तो असंभव कुछ भी नहीं है। उन्होंने सीएलसी के इस आयोजन को संस्कार और राष्ट्रनिर्माण का उत्सव बताया। इस अवसर पर सीएलसी निदेशक इंजीनियर श्रवण चौधरी ने कहा कि
दीपोत्सव का वास्तविक अर्थ है अंधकार से प्रकाश की ओर, अज्ञान से ज्ञान की ओर, और व्यक्तिगत सफलता से सामूहिक उत्थान की ओर बढ़ना। उन्होंने बताया कि सीएलसी में यह पर्व केवल दीपों का नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का उत्सव है। कार्यक्रम के अंत में सीएलसी सीईओ साहिल चौधरी ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सीएलसी परिवार अपने हर कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रभावना को सर्वोच्च रखता है।
हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल परीक्षा में नहीं, बल्कि जीवन में भी विजेता बनाना है। इस अवसर पर सीएलसी संरक्षक श्री प्रेमसिंह चौधरी, श्री रामेश्वर जी रणवा, श्री हरिराम जी रणवा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विशाल जी, चितरंजन राठौड़, सीकर भाजपा ज़िलाध्यक्ष मनोज बाटड़, राजेश रोलन,सीएलसी सीओओ समर चौधरी, एचआर हेड वीरेंद्र चौधरी, सेंटर हेड अरविंद ख्यालिया, नवरत्न शर्मा, ऐकडेमिक हेड अंकित जांगिड़ सहित पूरा सीएलसी परिवार उपस्थित रहा।