सीकर के पवन ढाका ने लद्दाख में रचा इतिहास – जाट समाज ने किया भव्य स्वागत
सीकर। सीकर जिले के सुपुत्र एवं मैराथन धावक पवन ढाका ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति और अथक परिश्रम से एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर जिले व प्रदेश का मान बढ़ाया है। ढाका ने हाल ही में आयोजित लद्दाख सिल्क रूट अल्ट्रा मैराथन (122 किलोमीटर) को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए न केवल भागीदारी दर्ज कराई बल्कि 50+ आयु वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर सीकर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया।
यह मैराथन विश्व की सबसे कठिन और सबसे ऊँची मैराथन मानी जाती है, जो समुद्र तल से 17,618 फीट की ऊँचाई पर आयोजित होती है। 122 किलोमीटर लंबी इस प्रतियोगिता में धावकों को कभी बर्फबारी, कभी तेज बरसात तो कभी तपती धूप जैसी अत्यंत विषम परिस्थितियों से गुजरना पड़ा। इस दौरान ऑक्सीजन की कमी और ऊँचाई का दबाव इसे और भी चुनौतीपूर्ण बना देता है। ऐसे वातावरण में ढाका ने अपनी फिटनेस, साहस और हौसले के बल पर इस कठिन चुनौती को जीतकर नया इतिहास रचा है।
अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पवन ढाका ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल व्यक्तिगत कीर्तिमान स्थापित करना नहीं है, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रहने, फिटनेस अपनाने और खेलों के प्रति गंभीरता बढ़ाने की प्रेरणा देना है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को यदि खेल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाए तो समाज और देश दोनों का भविष्य उज्ज्वल होगा।
ढाका की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जाट समाज की ओर से उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर समाज संरक्षक नरेन्द्र धायल, वीर तेजा सेवा संस्थान के अध्यक्ष सांवरमल मुवाल, युवा समाजसेवी अभिनव जाखड़, मोनू गोकुलपुरा, रामनिवास ढाका, सीकर मंडी उपाध्यक्ष महावीर प्रसाद बाजियां, अजीत जाखड़, अमित जाखड़ संदीप खीचड़ महेंद्र नेहरा राजेश महला मोहित बगड़िया प्रदीप नेहरा सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
सभी ने एक स्वर में कहा कि पवन ढाका जैसे खिलाड़ियों की उपलब्धियाँ न केवल सीकर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके इस साहस और समर्पण ने साबित किया है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी यदि लगन और परिश्रम हो तो सफलता निश्चित है।