सीकर के पूर्व आईजी सत्येंद्र सिंह को 2025 के राष्ट्रपति पुलिस पदक से नवाजा जाएगा। यह अवार्ड उन्हें कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आनंदपाल गिरोह की गिरफ्तारी की सफल जांच और सीकर रेंज के निर्माण में उनके योगदान के लिए दिया गया है। आईजी के रूप में उन्होंने कम समय में मानव संसाधनों का सही तरीके से प्रबंधन कर नई रेंज सीकर को एक कार्यात्मक रेंज बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
सत्येंद्र सिंह ने राजस्थान पुलिस सेवा में अपने 33 साल के करियर में कई महत्वपूर्ण केसों की सफलता से जांच की। इनमें सुमेधा दुर्लभ अपहरण कांड के अपराधियों की गिरफ्तारी, मूर्ति तस्कर वामन नारायण घीया की पकड़ी गईं और 791 कीमती मूर्तियों की बरामदगी, अजमेर के भंवर सिनोदिया हत्याकांड, कपासन में हाइवे डकैती और आनंदपाल सिंह गिरोह की गिरफ्तारी जैसी महत्वपूर्ण कार्यवाही शामिल हैं।