प्रदेशव्यापी आह्वान पर सोमवार को पटवारियों ने 10 सूत्री मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर विरोध-प्रदर्शन किया। पटवारियों ने डाक बंगले से लेकर स्टेशन रोड व कल्याण सर्किल होते हुए कलेक्ट्रेट तक आक्रोश रैली निकाली। सीकर पटवार संघ के जिलाध्यक्ष शीशराम चाहर ने बताया कि प्रदेशभर के पटवारी 10 सूत्री लंबित मांगों को लेकर 13 जनवरी से कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे हैं।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि सरकार पूर्व में किए गए समझौते को अभी तक लागू नहीं कर रही, जिसके चलते प्रदेश के पटवारियों में आक्रोश है। पटवारियों ने चेताया कि जब तक सरकार उनकी 10 सूत्री मांगें नहीं मान लेती, तब तक पटवारियों की पेन डाउन हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि समय रहते सरकार ने मांग नहीं मानी तो जयपुर में बड़ा आंदोलन कर आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
पटवारी पद को तकनीकी पद घोषित कर ग्रेड-पे 3600 (एल-10) किया जाए। गिरदावरी एप में आवश्यक संशोधन करवाया जाए, ताकि गिरदावरी कार्य पटवारी द्वारा ही किया जाना संभव हो सके। बजट घोषणा 2023-24 के तहत 1035 नवीन पटवार मंडलों की घोषणा व स्वीकृति जारी की जाए। पटवारी, भू-अभिलेख निरीक्षक की डीपीसी कराई जाए। 752 नवसृजित भू-अभिलेख निरीक्षक पदों के निर्धारण संबंधित पत्रावली विगत एक वर्ष से लंबित है, उन्हें भरा जाए। पटवारियों को स्टोरेज का टेबलेट-लैपटॉप मय प्रिंटर, इंटरनेट सुविधा के साथ उपलब्ध करवाया जाए। भू-अभिलेख निरीक्षक से नायब तहसीलदार में पदोन्नति कोटा बढ़ाया जाए। तहसीलदार पद पर मंत्रालयिक संवर्ग के कोटे का पुननिर्धारण किए जाने वाली पत्रावली का निस्तारण किया जाए। भू-प्रबन्ध आयुक्त द्वारा 2023 की स्थिति में नियम विरुद्ध जारी वरिष्ठता सूची को निरस्त किया जाए। हार्ड ड्यूटी एवं स्टेशनरी भत्तों में बढ़ोतरी की जाए।