संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) सीकर की अगुवाई में 26 नवंबर को सीकर में किसानों और मजदूरों द्वारा एक विशाल चेतावनी रैली का आयोजन किया जाएगा। यह रैली किसानों-मजदूरों की लंबित मांगों को लेकर सरकार को आगाह करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। इस संबंध में रविवार को ढाका भवन में अनेक संगठनों की बैठक हुई, जिसमें रैली की तैयारियों पर चर्चा की गई।
जनसंपर्क अभियान और मुख्य मांगें
एसकेएम के पदाधिकारी 7 नवंबर से किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों से घर-घर जाकर संपर्क कर रहे हैं और रैली में अधिकाधिक संख्या में शामिल होने की अपील कर रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के सीकर जिला अध्यक्ष दिनेश सिंह जाखड़ ने बताया कि किसानों की मुख्य मांगों में एमएसपी पर कानून बनाना, राष्ट्रीय किसान आयोग की सिफारिशें लागू करना, केंद्र सरकार के लेबर कोड बिलों को निरस्त करना, ऋण मुक्ति योजना लागू करना, बिजली का निजीकरण रोकना और 300 यूनिट फ्री बिजली प्रदान करना शामिल है।
शहीद किसानों के लिए मुआवजे और स्मारक की मांग
किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने, शहीद किसानों के परिवारों को मुआवजा देने और शहीद किसान स्मारकों के निर्माण की मांग भी इस आंदोलन का हिस्सा है। रैली के बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा।
बैठक में कई संगठनों की भागीदारी
बैठक में किसान सभा, श्रमिक यूनियन सीटू, खेत मजदूर यूनियन, एसएफआई, जय किसान आंदोलन और भारतीय किसान यूनियन सहित अनेक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।