सीकर में 95 वर्षीय बोलता बालाजी मंदिर का भव्य लोकार्पण…

माधव सागर तालाब के पास प्राचीन मूर्ति के लिए नया मंदिर, ऐतिहासिक धरोहर को सहेजने का प्रयास

सीकर में माधव सागर तालाब पर स्थित बोलता बालाजी मंदिर का लोकार्पण मंगलवार को भव्य समारोह के साथ किया गया। यह प्राचीन मंदिर, जिसमें 95 साल पुरानी बालाजी की मूर्ति विराजमान है, को नगर परिषद द्वारा पुनर्निर्मित कराया गया। मंदिर की नक्काशी अयोध्या के श्रीराम मंदिर की तर्ज पर की गई है, जिसमें बंसी पहाड़ के लाल पत्थरों का उपयोग हुआ है।

इतिहास और महत्व

मंदिर में स्थापित बालाजी की मूर्ति 1928 में अकाल राहत कार्य के दौरान माधव सागर तालाब की खुदाई में मिली थी। खुदाई के दौरान तालाब से आने वाली आवाज़ों पर ध्यान देकर मूर्ति को निकाला गया और एक छोटे मंदिर में स्थापित किया गया। इस कारण इसे “बोलता बालाजी” कहा जाता है।

विधायक राजेंद्र पारीक ने बताया कि माधव सागर तालाब और मंदिर के पुनर्निर्माण के बाद यह स्थान न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा बल्कि शहर के सौंदर्य और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।

लोकार्पण समारोह

मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में पीठाधीश्वर राजेंद्र दास महाराज ने मंदिर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर प्रवचन और पूजा-अर्चना की गई। कार्यक्रम में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा, सीकर विधायक राजेंद्र पारीक, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, और सभापति जीवण खान सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

सीकर मास्टर प्लान पर मंत्री का बयान

लोकार्पण के दौरान मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि सीकर का मास्टर प्लान डबल एजी के पास विधिक राय के लिए भेजा गया है। जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लेकर लागू किया जाएगा।

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