सीकर रच रहा है कीर्तिमान 7 दिन में 1 लाख 90 से अधिक लोग लाभान्वित
28406 की हुई टीबी तथा 59658 की हुई एनीनिया की स्क्रीनिंग
स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान: 2 अक्टूबर तक नियमित आयोजित होंगे शिविर
महिलाओं, किशोरियों व बच्चों के साथ हर वर्ग के आमजन को मिल रहा है विशेषज्ञ चिकित्सकों का परामर्श
सीकर, 24 सितम्बर। स्वस्थ भारत, विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने के उददेश्य से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा शुरू किए गए स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के तहत सीकर जिलो कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। जिले में बुधवार को आठवें दिन चिकित्सा संस्थानों में शिविर आयोजित हुए। शिविरों में महिलाओं, किशोरियांे और बच्चों के साथ हर वर्ग के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं व परामर्श मिल रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अशोक महरिया ने बताया कि 17 सितम्बर से शुरू हुए अभियान के तहत जिले में 7 दिन में लगे शिविरों में 1 लाख 90 हजार से अधिक महिलाएं, किशोरियां, बच्चे, युवा व आमजन लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने बताया कि 72 हजार 328 की हाइपर टेंशन की स्क्रीनिंग की गई है और 16911 का उपचार शुरू किया गया। इसके अलावा शिविरों में 63 हजार 846 की डायबिटिज, 31 हजार 456 की ओरल कैंसर, 13911 किशोरियों व महिलाओं की ब्रस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग की गई। वहीं 7194 की स्व्राइकल कैंसर की स्क्रीनिंग हुई है। शिविर में 1604 नई गर्भवती महिलाओं को पंजीकरण किया हुआ। वहीं 8232 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की गई। 59 हजार 658 महिलाओं, किशोरियों, युवाओं की एनीमिया की स्क्रीनिंग तथा 23586 बच्चों का वैक्सीनेशन किया गया।
सीएमएचओ डॉ अशोक महरिया ने शिविर किशोर किशोरियों, गर्भवती महिलाओं को पोषण युक्त आहार के बारे में बताया जा रहा हैं। पिछले 7 दिन में लगे शिविरों में 41907 किशोरियों, गर्भवती महिलाओं व अन्य की पोषण युक्त आहार के बारे में काउन्सिलिंग की गई। वहीं 16317 किशोरियों को माहवारी हाइजीन के बारे में बताया गया। 28406 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की तथा 5584 की आभा आईडी जनरेट की गई।
सीएमएचओ डॉ अशोक महरिया ने बताया कि अभियान के तहत जिले के सभी जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर 2 अक्टूबर तक नियमित शिविर आयोजित होंगे। शुक्रवार को जिले में आयोजित हुए शिविरों में संभावित टीबी रोगियों की स्क्रीनिंग की गई और टीबी रोगियों को पोषण किट वितरित किए गए।