सीकर शहर में पार्किंग की व्यवस्था की गंभीर कमी है, जिससे लोग मजबूरी में सड़क किनारे या दुकानों के सामने वाहन खड़ा करने को मजबूर हैं। इसके कारण ट्रैफिक पुलिस द्वारा नो पार्किंग के तहत चालान काटे जा रहे हैं, जिससे नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार, 2 साल पहले किए गए सर्वे में कुछ जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था थी, लेकिन अधिकतर बेसमेंट्स में दुकानें ही संचालित हो रही थीं, जिसके कारण जुर्माना भी वसूला गया था।
नगर परिषद अब शहर में पार्किंग स्थलों के लिए जगह तय करने में जुटी है, और कुछ प्रमुख स्थानों जैसे पुरानी नगर परिषद, शहर कोतवाली और कल्याण सर्किल पर पार्किंग स्थल प्रस्तावित किए गए हैं। हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि पार्किंग की जगह तय होने के बाद वे शुल्क देने के लिए तैयार हैं।
सीकर में ट्रैफिक पुलिस ने पिछले महीने में 492 नो पार्किंग चालान काटे हैं और 37 वाहन जब्त किए हैं। व्यापारियों और नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद को पार्किंग के लिए स्थायी स्थानों का निर्धारण शीघ्र करना चाहिए। इसके अलावा, कुछ महीनों पहले यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इस समस्या का समाधान करने के लिए एक कमेटी बनाई थी, लेकिन इस कमेटी ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया है।
स्थायी पार्किंग व्यवस्था की कमी के कारण, शहर के व्यस्त इलाकों जैसे सुभाष चौक, तबेला बाजार, जाट बाजार और फतेहपुरी गेट में ट्रैफिक दबाव बढ़ रहा है। नगर परिषद और ट्रैफिक पुलिस इस समस्या को सुलझाने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल अस्थाई पार्किंग स्टैंड ही बनाकर काम चलाया जा रहा है।